यूरेनस इस समय नग्न आंखों से दिखाई देने वाली सीमा के करीब है। यह एरीस तारामंडल (Aries Constellation) में देर शाम के समय दिखाई देता है। आधी रात तक यह पूर्वी क्षितिज से सीधे ऊपर बिंदु तक लगभग एक तिहाई रास्ते पर स्थित होगा। इस दौरान यह दो प्रमुख तारों के बीच में होगा। इसके पश्चिम में बृहस्पति ग्रह होगा। वहीं, पूर्व में प्लीएड्स तारा समूह होगा। एक छोटे दूरबीन के सहारे आपको हल्के हरे रंग की रोशनी दिखेगी। अगर आपके पास टेलीस्कोप हुआ तो आपको यह और भी साफ दिखाई देगा।
अंतरिक्ष में दिखेगा अद्भुत नजारा, छठे ग्रह को देखने के लिए हो जाएं तैयार, जानें कब यूरेनस देगा दर्शन
वॉशिंगटन: आपने आसमान में चमकते सितारों को देखा होगा। इनमें भी संभव है कि पांच ग्रहों की टिमटिमाती रोशनी कभी देखी हो। लेकिन एक छठा ग्रह भी है जिसे बिना किसी टेलीस्कोप की सहायता के देखा जा सकता है। इस ग्रह का नाम यूरेनस है। इस हफ्ते यह एक ऐसी स्थिति में है, जिसके कारण यह हमारे आकाश में अच्छी तरह दिखाई दे सकता है। क्योंकि आसमान में चांद नहीं है, इसलिए इसे देख पाना और भी आसान होगा। अंधेरी और साफ रातों में भी यह नग्न आंखों से बमुश्किल दिखाई देता है। लेकिन इस समय यह +5.7 की तीव्रता पर चमक रहा है। इस पैमाने में अगर संख्या बढ़े तो बढ़ते चमक का प्रतिनिधित्व करता है।
यूरेनस के हैं 27 चंद्रमा
यूरेनस सूर्य से 3.2 अरब किमी दूर है। इसका व्यास 51,200 किमी है। नासा के वॉयजर-2 ने फ्लाईबाई के दौरान चुंबकीय डेटा का अध्ययन किया, जिससे पता चला कि यह अपनी धुरी पर 17.4 घंटे में घूमता है। अभी तक यूरेनस के 27 ज्ञात चंद्रमा हैं। यह सभी ग्रह की भू-मध्य रेखा की कक्षा में हैं। इसके छल्ले भी हैं, जो लगभग अपारदर्शी हैं। इन छल्लों को 1978 में खोजा गया था।
चट्टानी है इसका कोर
वैज्ञानिक मानते हैं कि इसका कोर चट्टानी है, जो पानी, मीथेन और अमोनिया के तरल आवरण से घिरा है। इसका वातावरण हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन और थोड़ी मात्रा में एसिटिलीन और हाइड्रोकार्बन से बना है। यह ग्रह 98 डिग्री पर झुका है, जिसके कारण यहां ऋतुएं बेहद सख्त होती हैं। यहां उत्तरी ध्रुव में जब सूर्य निकलता है तो यह पृथ्वी के 42 वर्षों तक रहता है। इसके बाद अगले 42 वर्ष अंधेरे में रहते हैं। इसे सूर्य का एक चक्कर लगाने में 84 साल लगते हैं।











