चंद्रशेखरन ने कहा कि जब उन्होंने बॉम्बे हाउस को रेनोवेट करने की बात रतन टाटा को बताई तो उन्होंने पूछा कि ऑफिस के रिसेप्शन में रहने वाले आवारा डॉग किधर जाएंगे। इस पर चंद्रशेखरन ने कहा कि उनके लिए एक स्पेशल शेल्टर बनाया जाएगा। जब बॉम्बे हाउस के रेनोवेशन का काम पूरा हुआ तो टाटा सबसे पहले कुत्तों के लिए बनाई गई जगह को देखना चाहते थे। उस जगह का डिजाइन और वहां हो रही कुत्तों की देखभाल को देखकर टाटा खुश हो गए।
जब भाग गया था कुत्ता
राडिया ने बताया कि एक दिन ड्राइवर उसे मरीन ड्राइवर पर टहलाने ले गया। अचानक वह भाग गया। फॉर्मल और टाई पहने चार से पांच पीआर प्रोफेशनल मरीन ड्राइव पर खोज रहे थे। उन्होंने कहा, 'यह काफी फनी दृश्य था। फिर मैंने रतन टाटा को फोन किया और कहा कि जैकी भाग गया है। हालांकि बाद में उसे खोज लिया गया।' मुंबई में आवारा जानवरों के लिए अस्पताल खोलना टाटा का सपना था। यह अस्पताल जुलाई में खुला। पांच मंजिला इस अस्पताल में लगभग 200 मरीजों के इलाज की सुविधा है।











