कतर में आया यह बदलाव कथित तौर पर अमेरिका के दबाव के बाद हुआ था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हमास की ओर से युद्धविराम से जुड़े नवीनतम समझौते को अस्वीकार करने के बाद से अमेरिका लगातार कतर पर दबाव बना रहा था। इसके अलावा तुर्की ने पूरे युद्ध के दौरान हमास के प्रति सहानुभूति जताई है। यूरोपीय संघ और इजरायल जैसे देशों की अंतरराष्ट्रीय सहमति के बावजूद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने हमास को आतंकी संगठन मानने से इनकार कर दिया।
कतर ने हमास को देश से निकाला तो मदद को आए खलीफा एर्दोगन, तुर्की पहुंचे आतंकी संगठन के नेता, जानें प्लान
तेल अवीव: हमास के वरिष्ठ सदस्य कथित तौर पर तुर्की में मौजूद हैं। रविवार को इजरायल के सरकारी टीवी KAN ने एक रिपोर्ट में बताया है। कुछ दिनों पहले यह रिपोर्ट आई थी कि कतर ने हमास को अपने क्षेत्र से बाहर करने के लिए कदम उठाया है। हालांकि तुर्की में हमास नेताओं की मौजूदगी और कतर से उनके कथित निष्कासन की रिपोर्ट आपस में जुड़ी हैं या नहीं यह पता नहीं चला है। KAN की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी सूत्र ने बताया कि कतर ने हमास से कहा था, "आपका यहां स्वागत नहीं है।'
तुर्की ने हमास को दिया समर्थन
एर्दोगन ने मार्च में हमास के लिए तुर्की के समर्थन को दोहराया था। उन्होंने कहा था, 'कोई भी हमें हमास को आतंकी संगठन के रूप में योग्य नहीं बना सकता।' तुर्की ने अगस्त में हमास के राजनीतिक ब्यूरो के नेता इस्माइल हानिया की मौत के बाद राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी। साथ ही इजरायल में तुर्की दूतावास ने अपना झंडा आधा झुका दिया।
उत्तरी गाजा के बेत लाहिया में रविवार को तड़के इजरायल ने एयर स्ट्राइक की। इस हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई। बेत लाहिया में कमाल अदवान अस्पताल के निदेशक होसम अबू सफिया ने हमले में मरने वाले लोगों के बारे में बताया। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि कम से कम एक दर्जन लोग घायल हुए हैं और कई लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक हमले से कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। इजरायली सेना ने पहले कहा था कि उसने बेत लाहिया में आतंकी ठिकानों पर हमला किया है।











