ट्रूडो ने कहा कि, 'नई इमिग्रेशन नीति में अगले तीन वर्षों में कनाडा में प्रवेश करने वाले स्थायी और अस्थायी दोनों निवासियों की संख्या में कटौती का फैसला लिया गया है। दरअसल, आव्रजन प्रणाली श्रमिकों और छात्रों को लाने के लिए डिजाइन की गई थी लेकिन अब यह साफ है कि कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए इसका दुरुपयोग किया। बहुत से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने भी अपनी कमाई के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों का इस्तेमाल किया है।' ट्रूडो का ये बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी सरकार इमिग्रेशन के मुद्दे पर घिरी हुई है। ट्रूडो की चिंता ये है कि कनाडा में अगले साल चुनाव होना है और फिलहाल तमाम सर्वे में उनका पार्टी विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी से पीछे चल रही है।
कनाडा की आप्रवासन नीति में बदलाव क्यों?
ट्रूडो ने कहा कि यह ठहराव हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे समुदायों को लाखों और घर बनाने की हमारी योजना जैसी चीजों को पकड़ने का मौका देगा। ट्रूडो ने बताया कि कैसे अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर सीमा तय करने से टोरंटो और वैंकूवर जैसे प्रमुख शहरों में किराये की कीमतें घटने लगी हैं। ट्रूडो ने जोर देते हुए कि आव्रजन परिवर्तन का उद्देश्य सिस्टम को नए लोगों और कनाडाई, दोनों के लिए काम करना है।
कनाडा की नई इमिग्रेशन नीति 2025-2027 के लिए नई आव्रजन स्तर योजना इन समायोजनों को दर्शाती है, जिसमें स्थायी निवासियों की संख्या में 21 प्रतिशत की कमी होगी। 2025 में स्थायी निवासियों का लक्ष्य 500,000 से घटाकर 395,000 कर दिया गया है। नई आप्रवासन योजना से कनाडा में प्रवेश करने वाले नए अस्थायी निवासियों की संख्या में भारी कमी आएगी। 2026 तक अस्थायी श्रमिकों की संख्या में 40% से अधिक की गिरावट आने की उम्मीद है।











