सुएला ने पुलिस से आह्वान किया कि वह यहूदी विरोधी भावना को कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख बनाए रखे। पिछले दिनों लंदन और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा, 'मेरे विचार से, उन मार्च का वर्णन करने का एक ही तरीका है- वे नफरती मार्च हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने पिछले कुछ दिनों में देखा है कि यहूदी लोगों के नरसंहार के बाद अब हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और वे नक्शे से इजराइल को मिटाने के लिए नारे लगा रहे हैं।'
ये नफरती मार्च हैं... फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर भड़कीं ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन, दे डाली बड़ी चेतावनी
लंदन: ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने इजराइल-गाजा संघर्ष को लेकर देश में बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को 'नफरती मार्च' करार देते हुए कहा कि 'घृणित' तत्वों से निपटने के लिए जरूरत पड़ने पर वह आतंकवाद रोधी कानून को बदलने में संकोच नहीं करेंगी। भारतीय मूल की सुएला ने सोमवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की अध्यक्षता में आपातकालीन सुरक्षा बैठक के बाद बोल रही थीं। उन्होंने पुष्टि की कि ब्रिटेन के संयुक्त आतंकवाद विश्लेषण केंद्र (JTAC) के साथ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से देश के खतरे के स्तर को 'गंभीर' बनाए रखने पर सहमति हुई है, जिसका अर्थ है कि हमले की आशंका बनी हुई है।
बदला जा सकता है कानून
सुएला ने कहा, ‘हम अपने कानूनों की समीक्षा करते रहते हैं। अगर कानून में बदलाव की कोई जरूरत है, जैसा कि हमने ‘जस्ट स्टॉप ऑयल’ प्रदर्शन को लेकर किया था, तो मैं कदम उठाने में संकोच नहीं करूंगी।' इस बीच इजरायली बलों ने मंगलवार को उत्तरी गाजा में हमास के आतंकवादियों और बुनियादी ढांचे पर जमीनी हमला किया। इजराइली सेना लगातार हवाई हमले भी कर रही है। सेना का कहना है कि तीन सप्ताह पहले शुरू हुए युद्ध के बाद से उत्तरी गाजा से करीब 8,00,000 लोग पलायन कर चुके हैं।
महिला सैनिक को छुड़ाया गया
इजराइली सेना, इसके टैंक और बख्तरबंद वाहन सोमवार को गाजा के अंदरूनी इलाकों तक पहुंच गये और उन्होंने हमास के आतंकवादियों की ओर से बंदी बनाई गई एक सैनिक को मुक्त करा लिया था। इसके साथ ही इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष विराम के आह्वान को मानने से इनकार कर दिया है। इजराइली सेना ने बताया कि सात अक्टूबर को हमास के आतंकवादियों की ओर से हमले के दौरान बंदी बनाई गई एक महिला सैनिक को गाजा में मुक्त करा लिया गया। दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहे इस संघर्ष के दौरान ऐसा पहली बार हुआ है।











