मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले चरण की तेजी से पहले सोने की कीमत में 5-7 फीसदी तक गिरावट आएगी। रिपोर्ट में उन कारणों का जिक्र किया गया है जिनके कारण सोने का मार्केट प्रभावित हो सकता है। इसमें आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, घरेलू ईटीएफ आयात, एसपीडीआर होल्डिंग्स और सीएफटीसी की स्थिति शामिल है। ये सभी कारण तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रहे हैं। साल 2024 के पहले नौ महीनों में सोने की कीमतों में उछाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और भू-राजनीतिक कारकों से प्रेरित है।
कहां तक जाएगी कीमत
अनुकूल मॉनसून सीजन और अधिक फसल बुआई के कारण सोने की ग्रामीण मांग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इससे ग्रामीण आर्थिक स्थिति मजबूत होने और त्योहारी सीजन के दौरान सोने की खरीद में वृद्धि होने की संभावना है। केंद्रीय बजट में घोषित हाल ही में आयात शुल्क में कटौती और गोल्ड ईटीएफ के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में बदलाव के बाद भारतीय गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।











