रेलवे बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत में सीटों की भारी डिमांड है। तभी तो दिसंबर 2023 में रेलवे ने इस रूट पर एक और 16 कोच वाली ट्रेन की पेशकश की। इस रूट की एक ट्रेन दिल्ली से सुबह चलती है तो दूसरी ट्रेन दोपहर बाद में। इसी वाराणसी से भी एक वंदे भारत सुबह रवाना होती है तो दूसरी दोपहर बाद।
दिल्ली से वाराणसी के बीच सीट की भारी मांग को देखते हुए अब रेलवे ने इन वंदे भारत एक्सप्रेस में डिब्बों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड (Railway Board) के अधिकारी बताते हैं कि आगामी 15 सितंबर से इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 के बजाय 20 डिब्बे होंगे।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने एनबीटी डिजिटल को बताया कि 16 कोच वाली वंदे भारत में दो एक्जीक्यूटिव क्लास के कोच हैं। शेष एसी चेयर कार के डिब्बे हैं। इस ट्रेन में एक बार में 1,128 यात्रियों को कंफर्म सीट मिलती है। इसमें चार और कोच जोड़ देने पर डिब्बों की कुल संख्या 20 कोच हो जाएगी। साथ ही सीटों की संख्या बढ़ कर 1,440 हो जाएगी। यानी सीट कैपिसिटी में 30 फीसदी का इजाफा।
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक अगले 15 सितंबर को दो रूट पर 20 डिब्बे वाले वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने की संभावना है। पहला रूट तो नई दिल्ली से वाराणसी का है। दूसरा रूट नागपुर से सिकंदराबाद का हो सकता है। इसे भी एक रैक अलॉट कर दिया गया है।
आगामी 15 सितंबर को रेलवे ने 11 नए वंदे ट्रेन को हरी झंडी दिखाने की तैयारी की है। इनमें वाराणसी से देवघर (8 कोच), आगरा से वाराणसी (8 कोच), टाटा से पटना (8 कोच), टाटा से बेरहामपुर (8 कोच), दुर्ग से विशाखापत्तनम (16 कोच), नई दिल्ली से वाराणसी (20 कोच), नागपुर से सिकंदराबाद (20 कोच), हुबली से पुणे (8 कोच), हावड़ा से गया (16 कोच), हावड़ा से भागलपुर (8 कोच) और अहमदाबाद से भुज (12 कोच) शामिल हैं। अहमदाबाद से भुज के बीच जो वंदे ट्रेन चलेगी, रेलवे उसे वंदे मेट्रो (Vande Metro) के नाम से नोटिफाई किया है।











