पुतिन ने कहा, 'पश्चिमी देशों का प्रभाव एक विशाल सैन्य और वित्तीय पिरामिड पर टिका है। इसे बनाए रखने के लिए हमेशा नए ईंधन की जरूरत होती है। यह हमेशा दूसरों के प्राकृतिक, तकनीकी और इंसानों को अपना नया ईंधन बनाते हैं।' शीत युद्ध के खत्म होने के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देश अपने वैश्विक आधिपत्य को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसके अलावा कहा कि ऐसे प्रयास शुरुआत से ही विफल रहे हैं।
पश्चिमी देशों की समृद्धि लूटपाट से बनी, पुतिन ने यूरोप को दिलाई उपनिवेश की याद, जमकर लताड़ा
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों को जमकर लताड़ा है। उन्होंने ऐसी बातें कही हैं, जो अमेरिका और यूरोप को बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगने वाली। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिम की समृद्धि काफी हद तक दुनिया भर में उसके उपनिवेशों में हुई लूटपाट पर आधारित है। राष्ट्रपति पुतिन ने यह टिप्पणी गुरुवार को सोची में वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब की 20वीं बैठक के पूर्ण सत्र के दौरान कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम का इतिहास उसके अंतहीन विस्तार के बारे में है और आज भी पूरी दुनिया के लिए ऐसा ही दृष्टिकोण अपनाता है।
कनाडा को जमकर धोया
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कनाडा के पूर्व स्पीकर को मूर्ख बताया। नाजी सेना के लिए युद्ध लड़ने वाले एक शख्स की सराहना करने पर पुतिन ने कनाडा की जमकर आलोचना की। पुतिन ने कनाडा की संसद में पूर्व नाजी सैनिक की सराहना करने को शर्मनाक घटना बताया। दरअसल पिछले महीने यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कनाडा की यात्रा की थी। इस दौरान संसद के अध्यक्ष एंथनी रूटा ने अपने जिले के एक बुजुर्ग यूक्रेनी अप्रवासी को आजादी का नायक बताते हुए सम्मानित किया। पूरे सदन ने खड़े होकर तालियां बजाई। लेकिन बाद में पता चला कि वह नाजी सेना के लिए लड़े हैं।











