इस आईपीओ के जरिए हुंडई इंडिया की मूल कंपनी 142.2 मिलियन शेयर यानी 17.5% हिस्सेदारी बेच रही थी। इसके बाद हुंडई इडिया में मूल कंपनी की हिस्सेदारी घटकर 82.5% रह जाएगी। अपर प्राइस बैंड पर हुंडई मोटर इंडिया की वैल्यू लगभग $19 अरब है। बिक्री के हिसाब से हुंडई भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी है। इससे पहले देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाने का रेकॉर्ड एलआईसी के नाम था। एलआईसी साल 2022 में 21,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाई थी। अब हुंडई इंडिया मोटर उस रेकॉर्ड को तोड़ने जा रही है।
कितनी बोली लगा सकते हैं
जीएमपी
कंपनी का प्रदर्शन
हालांकि, हुंडई ने आने वाली तिमाहियों में कई नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बनाई है। साथ ही कंपनी ने भारत में अपने विस्तार की भी योजना बनाई है। जोखिम लेने वाले निवेशकों को यह इश्यू आकर्षक लग सकता है जबकि जोखिम से बचने वाले निवेशक आईपीओ के बाद शेयर की कीमत के रुझान को देखना पसंद कर सकते हैं।
वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2024 के बीच एचएमआई का राजस्व सालाना 21.4% बढ़कर 69,829 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ 44.5% बढ़कर 6,060 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि के दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन 11.6% से बढ़कर 13.1% हो गया, जो इसकी प्रतिद्वंद्वी मारुति के बराबर है। बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी की पीवी बाजार में हिस्सेदारी में धीरे-धीरे गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2020 में यह 17.6% थी जो वित्त वर्ष 2024 में 14.6% रह गई।











