एसपी ग्रुप चाहता है लिस्टिंग
टाटा ग्रुप (Tata Group) की होल्डिंग कंपनी टाटा संस है। इसमें शापूरजी पलोनजी ग्रुप (SP Group) की 18.5 फीसदी की हिस्सेदारी है। एसपी ग्रुप चाहता है कि टाटा संस जल्द से जल्द लिस्ट हो ताकि उनकी कंपनी के शेयर का फेयर वैल्यू पता चले। इसके साथ ही वह कुछ शेयर बेचकर अपना कर्ज चुका सकती है। मीडिया में ऐसी खबर आई है कि बीते 16 सितंबर टाटा संस के शेयरहोल्डर्स की हुई वार्षिक बैठक में भी एसपी ग्रुप ने इसे उठाया था। दरअसल, टाटा भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड है, जिसका मूल्य इस साल जून में 28.6 बिलियन डॉलर था।
रिजर्व बैंक का क्या है कहना
रिजर्व बैंक ने टाटा संस का क्लासिफिकेशन नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) अपर लेयर में किया है। इस तरह की कंपनियों को सितंबर 2025 तक लिस्टिंग कराने का वक्त मिला है। हालांकि, कंपनी ने साल 2023-24 में ही अपना 21,813 करोड़ रुपये का पूरा ऋण चुका कर रिजर्स बैंक के पास आवेदन दिया है कि उसे एनबीएफसी अपर लेयर से डिसक्लासिफाई कर दिया जाए। ऐसा करने से कंपनी अनरजिस्टर्ड कोर इनवेस्टमेंट कंपनी (CIC) रह जाएगी। फिर उसे लिस्टिंग के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। रिजर्व बैंक ने अभी तक इस आवेदन पर फैसला नहीं लिया है।
अब बदल गए हैं हालात
रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट की स्थिति में बदलाव हुआ है। अब टाटा संस की 65 फीसदी से भी ज्यादा की हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा बन गए हैं। नोएल टाटा पलोनजी के दामाद हैं। इसलिए माना जा रहा है कि नोएल टाटा पिछली नीतियों में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन टाटा संस के आईपीओ के बारे में कयास जारी है।
हितों में टकराव का भी मामला उजागर
इस बीच, टाटा संस को हितों के टकराव के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, वेणु श्रीनिवासन टाटा संस के बोर्ड में साल 2016 से ही हैं। सरकार ने साल 2022 में उन्हें आरबीआई बोर्ड का भी सदस्य बना दिया। विश्लेषकों का कहना है कि जब वेणु श्रीनिवासन आरबीआई और टाटा दोनों के बोर्ड में हैं तो यह एक गंभीर मामला है जो सीधे सीधे हितों के टकराव (Conflict of Interest) को दर्शाता है। उनका कहना है कि आरबीआई बोर्ड में श्रीनिवासन की स्थिति नैतिक चिंताओं को जन्म देती है, क्योंकि उनका टाटा ट्रस्ट से जुड़ाव है। टाटा ट्रस्ट का टाटा संस पर महत्वपूर्ण प्रभाव है।
आरबीआई ने क्या जारी किया है सरकुलर
रिजर्व बैंक ने 22 अक्टूबर, 2021 को एक सरकुलर जारी किया था। इसके मुताबिक कुछ एनबीएफसी को स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्टेड होना है। इसमें खास तौर पर एसबीआर ढांचे के अपर लेयर में जो कंपनियां वर्गीकृत हैं, उनके लिए सितंबर 2025 तक का वक्त है। 14 सितंबर, 2023 को, आरबीआई ने टाटा संस सहित अपर लेयर में रखे गए 15 एनबीएफसी के नाम जारी किए। इनमें से अधिकतर कंपनियां लिस्ट हो गई हैं। लेकिन टाटा संस की लिस्टिंग के लिए अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।











