इससे शुक्रवार को टाटा इनवेस्टमेंट और टाटा केमिकल्स के शेयरों में 7% तक की तेजी आई। टाटा केमिकल्स का शेयर बीएसई पर पिछले सत्र में 663.25 रुपये पर बंद हुआ था और आज 679.55 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 701.75 रुपये तक गया। इसी तरह टाटा इनवेस्टमेंट का शेयर कल 667.05 रुपये पर बंद हुआ था जबकि आज 666.90 रुपये पर खुले। कारोबार के दौरान यह 713 रुपये तक गया।
क्या है पेच?
टाटा संस की 31 मार्च, 2026 तक की कुल एसेट 2.01 लाख करोड़ रुपये थी। इससे मौजूदा नियमों के तहत इसे अपर-लेयर NBFC कैटेगरी में शामिल करना जरूरी हो गया। इसकी बड़ी संपत्ति के कारण कंपनी के लिए CIC के तौर पर डी-रजिस्ट्रेशन पाना भी मुश्किल हो सकता है। सेंट्रल बैंक ने कहा है कि 31 दिसंबर तक डी-रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ वही कंपनियां योग्य होंगी जिनके पास पब्लिक फंड नहीं है, जिनका ग्राहकों से कोई सीधा संपर्क नहीं है और जिनकी संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये से कम है।RBI ने यह भी साफ किया कि एक बार जब किसी NBFC को अपर-लेयर कंपनी का दर्जा मिल जाता है, तो वह कम से कम पांच साल तक कड़े रेगुलेटरी नियमों के दायरे में रहेगी, भले ही बाद की जांच में वह जरूरी शर्तों को पूरा न करे। मतलब जो कंपनियां पहले अपर-लेयर NBFC के तौर पर क्लासिफ़ाई की गई थीं, लेकिन ताजा समीक्षा में योग्य नहीं पाई जातीं, वे भी इसी कैटेगरी में बनी रहेंगी और उन पर कड़े रेगुलेटरी नियम लागू होंगे।
