एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक साल जैसे छोटे लक्ष्य के लिए पूंजी की सुरक्षा और लिक्विडिटी को प्राथमिकता देनी चाहिए, जबकि 5 से 10 साल के लंबे लक्ष्यों के लिए इक्विटी में ज्यादा निवेश किया जा सकता है।
पहले तय करें वित्तीय लक्ष्य
अगर आपके पास एकमुश्त 10 लाख रुपये हैं, तो इसे किसी एक निवेश विकल्प में लगाने के बजाय अपने लक्ष्य के हिसाब से अलग-अलग एसेट क्लास में बांटना बेहतर हो सकता है। इमरजेंसी फंड, कार खरीदने, घर की डाउन पेमेंट, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए निवेश रणनीति अलग होनी चाहिए।एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 1 से 3 साल के लक्ष्यों के लिए सुरक्षित और लिक्विड विकल्प बेहतर हैं, जबकि 5 साल से ज्यादा की अवधि में हाइब्रिड और इक्विटी फंड जैसे ग्रोथ ओरिएंटेड विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
1 साल के लिए
- ऐसे निवेश का इस्तेमाल इमरजेंसी फंड, छुट्टियों, टैक्स भुगतान या निकट भविष्य के खर्चों के लिए किया जा सकता है।
- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), लिक्विड फंड, अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड और आर्बिट्राज फंड जैसे विकल्प में निवेश कर सकते हैं। एक्सपर्ट ने एक साल की अवधि के लिए इक्विटी से बचने की सलाह दी है।
3 साल के लिए
- तीन साल की अवधि में कार खरीदना, घर का रेनोवेशन या इमरजेंसी फंड तैयार करना जैसे लक्ष्य शामिल हो सकते हैं। इस अवधि में भी निवेश में स्थिरता को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।
- एक्सपर्ट के अनुसार 10 लाख रुपये का 10 से 15% हिस्सा इक्विटी एक्सपोजर वाले हाइब्रिड फंड में रखा जा सकता है। बाकी रकम को शॉर्ट या मीडियम ड्यूरेशन डेट फंड, बैलेंस्ड एडवांटेज फंड और कुछ हिस्से को आर्बिट्राज फंड में बांटा जा सकता है।
5 साल के लिए
- अगर लक्ष्य घर की डाउन पेमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा की शुरुआत या लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का है, तो 5 साल की अवधि में इक्विटी का हिस्सा बढ़ाया जा सकता है।
- एक्सपर्ट ऐसे निवेशकों के लिए 40:60 के अनुपात में एग्रेसिव हाइब्रिड फंड और प्योर इक्विटी फंड में निवेश की रणनीति सुझाते हैं। इक्विटी हिस्से में लार्ज-कैप या इंडेक्स फंड को शामिल किया जा सकता है। पोर्टफोलियो को हर साल रीबैलेंस करना भी जरूरी है।
10 साल के लिए
- रिटायरमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा या लंबे समय में संपत्ति बनाने जैसे लक्ष्यों के लिए 10 साल की अवधि में इक्विटी को ज्यादा जगह दी जा सकती है।
- एक्सपर्ट के मुताबिक 70 से 90% इक्विटी और 10 से 30% हाइब्रिड फंड में निवेश किया जा सकता है। इसमें प्योर इक्विटी (लार्ज, मिड, फ्लेक्सी कैप) और एग्रेसिव हाइब्रिड शामिल हैं।











