इजरायल ने एर्दोगान से पूछा कि आपको गाजा के लोगों के मानवाधिकारों की चिंता है लेकिन हमारे अधिकारों का क्या। वहीं एर्दोगान ने कहा है कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के पहुंचने से गाजा में गंभीर नरसंहार हो सकता है। इससे पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री ने ऐलान किया था कि वह अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को इजरायल की सीमा के पास भेज रहे हैं। एर्दोगान ने कहा कि अमेरिकी फाइटर जेट क्यों आए हैं, वे गाजा पर हमला करेंगे। तुर्की के राष्ट्रपति ने प्रस्ताव दिया है कि वह शांति की दिशा में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।
इजरायल पर एर्दोगान ने पुतिन से बात की
इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत की और फिलिस्तीन-इजरायल के बीच चल रहे तनाव पर चर्चा की। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने तुर्की के संचार निदेशालय द्वारा जारी एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि मंगलवार को फोन पर बातचीत के दौरान एर्दोगन और पुतिन ने तनाव को फैलने से रोकने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। फोन पर बातचीत में एर्दोगन ने पुतिन से कहा कि नागरिक बस्तियों को निशाना बनाना चिंताजनक है और तुर्की इस तरह के कदमों का स्वागत नहीं करता है।
इसमें कहा गया है कि एर्दोगन ने क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। क्रेमलिन ने एक बयान में कहा, पुतिन ने अपनी ओर से इजरायल और गाजा पट्टी में नागरिक पीड़ितों की संख्या में 'विनाशकारी वृद्धि' पर चिंता व्यक्त की। इसमें कहा गया है कि दोनों नेताओं ने 'तत्काल युद्धविराम' और 'बातचीत प्रक्रिया को फिर से शुरू करने' की आवश्यकता भी दोहराई। गौरतलब है कि हमास ने शनिवार को गाजा पट्टी से सटे इजरायली शहरों पर एक आश्चर्यजनक हमला किया, इसके बाद इजरायल ने गाजा पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। इज़राइल-हमास संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है, गाजा और इज़राइल में मरने वालों की संख्या क्रमशः 900 और 1,008 हो गई है।











