पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि साल 2016 में कुलभूषण जाधव को अरेस्ट किया गया था। पाकिस्तान का आरोप है कि कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं और जासूसी कर रहे थे। वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि कुलभूषण जाधव का पाकिस्तान में जासूसी से कोई संबंध नहीं है। उन्हें ईरान की सीमा के पास से जबरन उठाया गया है। इससे पहले कतर की कोर्ट ने भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई थी। कतर ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इन भारतीयों को क्यों सजा दी गई है।
लाखों अफगानों को निकालने को बताया सही
पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कश्मीर को लेकर भी जहर उगला। भारत के खिलाफ जहरीले बयान देने वाली पाकिस्तानी प्रवक्ता जहरा बलोच ने लाखों की तादाद में अफगान शरणार्थियों को देश निकाला करने पर सफाई भी देने लगीं। उन्होंने दावा किया कि केवल उन्हीं अफगानी नागरिकों को निकाला जा रहा है जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं है। अफगानों को जबरन निकालने के तालिबान के आरोप पर पाकिस्तान ने कहा कि गृह मंत्रालय इसकी जांच कर रहा है।
इससे पहले लाखों की तादाद में वर्षों से रह रहे अफगान शरणार्थियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने पर तालिबान ने पाकिस्तान की सरकार को चेतावनी भी दी थी। तालिबान और पाकिस्तान के बीच में टीटीपी आतंकियों को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। टीटीपी के बढ़ते हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने अब लाखों की तादाद में मौजूद अफगान शरणार्थियों को जबरन अफगानिस्तान भेजना शुरू कर दिया है। करीब दो लाख अफगानी पाकिस्तान छोड़कर अब जा भी चुके हैं। पाकिस्तान सरकार ने इनके घरों को गिराकर उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया जिसकी दुनियाभर में काफी आलोचना हो रही है।











