हमास का अचानक हमला
सात अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला बोल दिया था। करीब 1400 लोगों की हत्या के बाद अमेरिका अपने सहयोगी के साथ खड़ा हुआ और इस बात पर जोर दिया कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की मानें तो अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर भी जोर दिया है कि इजरायल जवाबी कार्रवाई के लिए अपना समय खुद तय करेगा। लेकिन व्हाइट हाउस, पेंटागन और विदेश विभाग ने अब इजरायलियों के साथ बातचीत में सावधानी बरतने की निजी अपील तेज कर दी है।
सात अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला बोल दिया था। करीब 1400 लोगों की हत्या के बाद अमेरिका अपने सहयोगी के साथ खड़ा हुआ और इस बात पर जोर दिया कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की मानें तो अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर भी जोर दिया है कि इजरायल जवाबी कार्रवाई के लिए अपना समय खुद तय करेगा। लेकिन व्हाइट हाउस, पेंटागन और विदेश विभाग ने अब इजरायलियों के साथ बातचीत में सावधानी बरतने की निजी अपील तेज कर दी है।
एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इजरायल ने गाजा में जो नाकाबंदी की है, उसकी वजह से मानवीय संकट बढ़ गया है। साथ ही बमबारी से मरने वालों की संख्या 5000 तक पहुंच गई है। सूत्रों ने बताया है कि अमेरिका की प्राथमिकता हमास की तरफ से बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई पर बातचीत के लिए अधिक समय देना है। पिछले दिनों हमास ने दो अमेरिकियों को रिहा कर दिया था। हमास ने कहा कि उसने सोमवार को दो और बंधकों को रिहा कर दिया। माना जा रहा है कि हमास ने 200 से अधिक लोगों को बंधक बना रखा है।
बंधकों की रिहाई प्राथमिकता
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रशासन, हमास के साथ मध्यस्थ के रूप में दोहा की भूमिका काफी अहम है। इसे ध्यान में रखते हुए कतरी अधिकारियों को बताया जा रहा है कि उन्होंने इजरायल को क्या सलाह दी है। इसका मकसद बस इतना है कि इजरायल बंधक वार्ता जारी रखने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। बंधक वार्ता के बारे में जानकारी देने बारे एक सूत्र ने बताया है कि फिलहाल, पूर्ण तनाव कम करने की दिशा में कोई स्पष्ट रोडमैप या कदमों का कोई ब्लूप्रिंट नहीं है। बंधकों को चरण-दर-चरण बाहर निकालने के लिए काम करना प्राथमिकता है।











