पुरुष और महिलाएं एक समान नहीं
उन्होंने तर्क दिया कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के पश्चिमी देशों के प्रयासों के बावजूद, अल्लाह की नजर में पुरुष और महिलाएं मौलिक रूप से असमान हैं। उनका कहना था कि पुरुष एक प्रमुख स्थान रखते हैं, उनके पास ऐसे अधिकार होते हैं जिन्हें निर्विवाद रूप से माना जाना चाहिए। जबकि महिलाओं से इस गुलामी को मानने की अपेक्षा की जाती है। नदीम ने कहा, 'सर्वशक्तिमान अल्लाह ने पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर किया है। पुरुष एक शासक है, उसके पास अधिकार है, उसकी आज्ञा का पालन किया जाना चाहिए और महिला को उसकी दुनिया को स्वीकार करना चाहिए।'
कौन हैं तालिबानी शिक्षा मंत्री
उनका कहना था कि एक महिला एक पुरुष के बराबर नहीं है। हालांकि पश्चिमी देशों ने उसे एक पुरुष से ऊपर रखा है। बघलान विश्वविद्यालय में अपने संबोधन के दौरान, कुछ प्रोफेसरों और छात्रों ने संसाधनों और सुविधाओं की कमी सहित विश्वविद्यालयों में शैक्षिक माहौल के बारे में चिंताएं जताई है। बागलान विश्वविद्यालय के लेक्चरार सैयद सती ने विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने की वकालत की। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय में उचित उपकरण और सुविधाओं की जरूरत के बारे में बताया। तालिबान के काल में शिक्षा मंत्री की भूमिका निभाने वाले नदीम पूर्व गवर्नर और सैन्य कमांडर रह चुके हैं।
नदीम ने आधुनिक धर्मनिरपेक्ष शिक्षा को खत्म करने को लेकर गंभीर प्रतिबद्धता जताई है। नदीम का कहना था कि साल 2001 में अमेरिका के हमले के बाद से अफगानिस्तान ने इस दिशा में जो कुछ किया, उसकी वजह से ही तालिबान के शुरुआती शासन का पतन हुआ। उन्होंने इसे इस्लामी सिद्धांतों और अफगान सांस्कृतिक मूल्यों के साथ लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा को अतार्किक बताया। साथ ही इसका कड़ा विरोध किया। नदीम की टिप्पणियां अक्सर ही विवादित रही हैं। अब उनके नए बयान के बाद चिंता जताई जाने लगी है कि तालिबान महिला शिक्षा पर प्रतिबंध बढ़ा सकता है।











