क्‍या पाकिस्‍तान में आने वाला है महाविनाशक भूकंप, जानें क्‍या है डच वैज्ञानिक की भविष्‍यवाणी का सच

क्‍या पाकिस्‍तान में आने वाला है महाविनाशक भूकंप, जानें क्‍या है डच वैज्ञानिक की भविष्‍यवाणी का सच
इस्‍लामाबाद: एक भविष्‍यवाणी के बाद से पाकिस्‍तान में डर और दहशत का माहौल है। नीदरलैंड के एक रिसर्च इंस्‍टीट्यूट की तरफ से एक सोशल मीडिया पोस्ट पर पाकिस्‍तान में अगले 48 घंटों में संभावित विनाशकारी भूकंप की बात कही गई है। तब से ही देश में नागरिक डरे हुए हैं। सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (एसएसजीईओएस) के एक रिसर्चर ने दावा किया है कि पाकिस्तान और उसके आसपास के हिस्सों में मजबूत वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव देखा गया जो 'आने वाले मजबूत भूकंप की तरफ इशारा करता है। इसमें देश में सुनामी की बात भी कही गई है।

डरे हुए लोग मांग रहे मदद
हजारों फॉलोअर्स वाले एक्स (ट्विटर) हैंडल से आ रही खबरों के बाद पाकिस्तान में सोशल मीडिया से लेकर व्हाट्सएप ग्रुपों तक यह अफवाहें फैलने लगीं। इनके तहत अगले 48 घंटों में देश में एक बड़ा भूकंप आने की आशंका जताई गई। एक पोस्ट में एसएसजीईओएस के सदस्य, डच वैज्ञानिक फ्रैंक हूगरबीट्स का हवाला दिया गया है। उन्‍होंने इससे पहले तुर्की और सीरिया में खतरनाक भूकंपों की भविष्यवाणी करने के लिए ग्रह संरेखण का प्रयोग किया था। इस पोस्‍ट में दावा किया गया था कि वैज्ञानिक ने एक बार फिर भविष्यवाणी की है कि अगले 48 घंटों में पाकिस्‍तान एक तेज भूकंप से हिलने वाला है। इसके बाद से ही एक्‍स पर भूकंप टॉप पर ट्रेंड कर रहा है। पाकिस्‍तान के कई लोग डरे हुए हैं और अपनी जिंदगी के लिए अधिकारियों से सलाह मांग रहे हैं।

क्‍या कहा है वैज्ञानिक ने
वैज्ञानिक ने पोस्ट में, बलूचिस्तान में फॉल्ट लाइनों के साथ इलेक्ट्रिक एक्टिविटीज में तेज इजाफे का दावा किया था। उन्‍होंने अपने दावे में बलूचिस्‍तान में किसी खास इलाके का जिक्र नहीं किया। हूगरबीट्स ने भूकंप की भविष्यवाणियों के बारे में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। उन्‍होंने अपनी पोस्‍ट में लिखा, '30 सितंबर को हमने वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया, जिसमें पाकिस्तान के कुछ हिस्से और उसके आसपास के हिस्से शामिल थे। यह आने वाले तेज झटके की तरफ इशारा करता है।' उन्‍होंने कहा कि यह स्थिति बिल्‍कुल मोरक्‍को से मिलती है। लेकिन उन्‍होंने निश्चित तौर पर ऐसा कहने से साफ इनकार कर दिया।

पाकिस्‍तान ने दावा किया खारिज
क्‍या कहा है वैज्ञानिक ने
वैज्ञानिक ने पोस्ट में, बलूचिस्तान में फॉल्ट लाइनों के साथ इलेक्ट्रिक एक्टिविटीज में तेज इजाफे का दावा किया था। उन्‍होंने अपने दावे में बलूचिस्‍तान में किसी खास इलाके का जिक्र नहीं किया। हूगरबीट्स ने भूकंप की भविष्यवाणियों के बारे में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। उन्‍होंने अपनी पोस्‍ट में लिखा, '30 सितंबर को हमने वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया, जिसमें पाकिस्तान के कुछ हिस्से और उसके आसपास के हिस्से शामिल थे। यह आने वाले तेज झटके की तरफ इशारा करता है।' उन्‍होंने कहा कि यह स्थिति बिल्‍कुल मोरक्‍को से मिलती है। लेकिन उन्‍होंने निश्चित तौर पर ऐसा कहने से साफ इनकार कर दिया।

पाकिस्‍तान ने दावा किया खारिज
पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रीय सुनामी केंद्र कराची के डायरेक्‍टर अमीर हैदर लघारी ने इस दावे को खारिज कर दिया है। उन्‍होंने कहा है कि भूकंप कहां और कब आएगा, इसकी सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि दो प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाएं पाकिस्तान से होकर गुजरती हैं। ये सोनमियानी से लेकर पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्र तक फैली हुई हैं। उनके मुताबिक इन सीमा रेखाओं के भीतर किसी भी बिंदु पर भूकंप आ सकता है, जिसकी भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। लाघारी ने याद दिलाया कि सन् 1892 में चमन फॉल्ट लाइन पर नौ से 10 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। जबकि सन् 1935 में चिल्तान रेंज में जोरदार भूकंप आया था जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी।
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