अमेरिका में 10 प्रांत ऐसे हैं जहां 40 फीसदी वयस्कों का कहना है कि उनके लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब देश में कंज्यूमर क्रेडिट कार्ड डेट एक ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है। साफ है कि खाने-पीने की चीजों, किराया और यूटिलिटीज की लागत लोगों की सैलरी ग्रोथ से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। देश में पिछले साल महंगाई की दर 3.2 फीसदी थी जो इस साल घटकर 2.5 फीसदी रह गई है। लेकिन आम आदमी के लिए अब भी घर का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। अमेरिका ही नहीं, सारी दुनिया इस समय महंगाई से त्रस्त है।
महंगाई की मार... अमेरिका में 37% लोगों के लिए घर का खर्च चलाना हो रहा है मुश्किल
नई दिल्ली: महंगाई ने दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका को लोगों को भी परेशान कर रखा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश की एक-तिहाई आबादी के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। जुलाई में 37.4 फीसदी वयस्कों ने कहा कि उनके लिए परिवार का खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा समस्या मिसीसिपी प्रांत में है। यहां 49.5 फीसदी लोगों का कहना है कि वे बुनियादी चीजों के लिए खर्च नहीं जुटा पा रहे हैं। अलाबामा में यह संख्या 45.5 फीसदी, वेस्ट वर्जीनिया में 43.5 फीसदी और लूइसियाना में 43.1 फीसदी है।
महंगाई की सबसे ज्यादा मार अर्जेंटीना को झेलनी पड़ रही है। वहां इन्फ्लेशन रेट 237% पहुंच चुका है। दूसरे नंबर पर सीरिया है। लंबे समय से गृह युद्ध की मार झेल रहे इस देश में महंगाई की दर 120% है। तुर्की में यह 51.9%, वेनेजुएला में 35.5%, लेबनॉन में 35.4%, पाकिस्तान में 9.6% और बांग्लादेश में 11.66% है। भारत में महंगाई की दर 3.65% है। इस समय सबसे कम महंगाई चीन में है। वहां इन्फ्लेशन रेट 0.6 फीसदी है। इटली में यह 1.1%, सऊदी अरब में 1.6%, आयरलैंड में 1.7%, फ्रांस में 1.8%, स्वीडन में 1.9%, जर्मनी में 1.9%, साउथ कोरिया में 2% और इंडोनेशिया में 2.12% है।











