इंदौर। अगर आपको अपनी आय के स्रोत की जानकारी नहीं है तो आप बड़ी परेशानी में फंस सकते हैं। आयकर विभाग आपको नोटिस भेजने के साथ ही जवाब नहीं दे पाने पर आप पर कार्रवाई भी कर सकता है।
इसके चलते कर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाताओं को अपने आय के स्त्रोत की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही आयकर रिटर्न के दौरान कुछ भी गलत जानकारी नहीं देनी चाहिए, अन्यथा आप बेवजह परेशानी में फंस जाएंगे।
रायपुर के आयकर सलाहकार देवेंद्र अग्रवाल के अनुसार, इन दिनों हर कोई अपनी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपना निवेश करता है। आय के मुख्य स्रोत के अलावा गैर व्यापारिक आय जैसे बैंक ब्याज, लाभांश, कृषि आय, मकान, दुकान किराया, शेयर खरीदी बिक्री, ब्याज, प्लाट, मकान खरीद बिक्री की जानकारी होनी चाहिए।
अलग-अलग ढंग से होता है टैक्सेशन
- शेयर, म्युचुवल फंड, फ्यूचर, क्रिप्टो , बिटक्वाइन, प्लाट खरीदी बिक्री भी अधिक मात्रा में किए जा रहे हैं तथा इससे होने वाली आय पर अलग-अलग ढंग से टैक्सेशन होता है।
- ध्यान देने योग्य बात यह है कि किसी भी प्रकार का कैपिटल गेन लास होता है, तो आने वाले वर्षों में तभी एडजेस्ट कर सकते है, जब आपने सही समय पर आयकर दाखिल किया है।
- आयकर दाता को लगता है कि एआईएस में गलत जानकारी दी है तो वह फीडबैक भी दे सकता है। फीडबैक को फाइनेंस इंस्टीट्यूशन को भेज सही गलत की जानकारी मांगकर एआईएस को अपडेट किया जाता है।











