FD में निवेश करने वालों की मौज, यह बैंक दे रहा है 8 फीसदी से ज्यादा की ब्याज दर

FD में निवेश करने वालों की मौज, यह बैंक दे रहा है 8 फीसदी से ज्यादा की ब्याज दर
नई दिल्ली: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। बंधन बैंक ने एफडी पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। इस बैंक ने एफडी पर अधिकतम ब्याज बढ़ाकर 8.05 फीसदी कर दिया है। यह एक साल के डिपॉजिट पर है। यानी अगर कोई सामान्य निवेशक एक साल की एफडी कराता है तो उसे 8.05 फीसदी ब्याज मिलेगा। वहीं सीनियर सिटिजंस के लिए यह ब्याज दर 8.55 फीसदी है। इसके अलावा बैंक ने बाकी एफडी पर भी ब्याज दरों में संशोधन किया है। साथ ही नई योजनाएं भी शुरू की हैं। बता दें कि यह बैंक 7 दिन से लेकर 10 साल तक की एफडी पर अलग-अलग ब्याज देता है। सीनियर सीटिजंस को सामान्य निवेशकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है।

इस एफडी को लिया वापस


बैंक ने 8 फीसदी ब्याज दर वाली एक योजना को वापस ले लिया है। साथ ही बैंक ने एक साल एक दिन से लेकर एक साल नौ महीने की मैच्योरिटी वाली एफडी पर पर 8 फीसदी का ब्याज देने का फैसला किया है। इससे पहले एक साल से एक साल नौ महीने की जमाराशियों पर 7.25 फीसदी की दर से ब्याज मिलता था।

शुरू की नई टैक्स सेविंग स्कीम


बैंक ने नई योजनाएं भी शुरू की हैं। इसमें 5 साल की टैक्स सेविंग एफडी स्कीम भी शामिल हैं। इसमें निवेशकों को 7 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। वहीं पांच साल से ज्यादा की सामान्य जमाराशियों पर 5.85 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। टैक्स सेविंग स्कीम के लिए वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज 7.5 फीसदी मिलेगा।

अलग-अलग एफडी पर इतना ब्याज दे रहा है बैंक


7 से 30 दिन: 3 फीसदी
31 दिन से दो महीने: 3.50 फीसदी
2 महीने से एक साल: 4.50 फीसदी
एक साल: 8.05 फीसदी
एक साल एक दिन से एक साल 9 महीने: 8 फीसदी
एक साल 9 महीने से 5 साल: 7.25 फीसदी
5 साल से 10 साल: 5.85 फीसदी
नोट: यह ब्याज दर समान्य निवेशकों के लिए है। सीनियर सिटिजंस के लिए ब्याज दर कुछ ज्यादा रहेगी।

क्या है शेयर की स्थिति?


बंधन बैंक के शेयर की कीमत अभी करीब 205 रुपये है। सोमवार को इसमें करीब एक फीसदी (2.06 रुपये) की गिरावट आई। पिछले 6 महीने में शेयर ने निवेशकों को करीब 13 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं एक साल के रिटर्न की बात करें तो इसमें निवेशकों को नुकसान हुआ है। यह नुकसान करीब 17 फीसदी रहा। लॉन्ग टर्म में भी इस शेयर ने निवेशकों को नुकसान दिया है। 5 साल में यह नुकसान करीब 59 फीसदी रहा। यानी 5 साल में निवेशकों की आधी से ज्यादा रकम डूब चुकी है।
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