आंकड़ों के अनुसार अगस्त में म्यूचुअल फंड में नेट इनफ्लो 43% घटकर 1.08 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका मुख्य कारण डेट म्यूचुअल फंड इनफ्लो में 62% की गिरावट है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में मामूली वृद्धि देखी गई, जबकि सेक्टोरल/थीमैटिक फंड में मामूली गिरावट देखी गई। लार्जकैप फंड में इनफ्लो में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। कोटक महिंद्रा एएमसी के राष्ट्रीय प्रमुख मनीष मेहता ने कहा, ‘SIP और NFO के इनफ्लो के साथ नेट इनफ्लो उत्साहजनक बना हुआ है।’
आंकड़ों के अनुसार अगस्त में म्यूचुअल फंड में नेट इनफ्लो 43% घटकर 1.08 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका मुख्य कारण डेट म्यूचुअल फंड इनफ्लो में 62% की गिरावट है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में मामूली वृद्धि देखी गई, जबकि सेक्टोरल/थीमैटिक फंड में मामूली गिरावट देखी गई। लार्जकैप फंड में इनफ्लो में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। कोटक महिंद्रा एएमसी के राष्ट्रीय प्रमुख मनीष मेहता ने कहा, ‘SIP और NFO के इनफ्लो के साथ नेट इनफ्लो उत्साहजनक बना हुआ है।’
ELSS और फोकस्ड फंड्स को छोड़कर सभी श्रेणियों में अगस्त में इनफ्लो जारी रहा। ELSS फंड्स और फोकस्ड फंड्स में लगातार पांचवें महीने निकासी जारी रही। अगस्त में, ELSS फंड्स और फोकस्ड फंड्स में क्रमशः 205 करोड़ रुपये और 83 करोड़ रुपये की निकासी हुई। प्रतिशत के लिहाज से, लार्जकैप फंडों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई।
अगस्त में स्मॉलकैप फंड में 3,209 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ। जुलाई में 630 करोड़ रुपये के इनफ्लो के मुकाबले डिविडेंड यील्ड फंड में सबसे कम 499 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जिससे इस श्रेणी में शुद्ध इनफ्लो में 21% की गिरावट दर्ज की गई।











