मेटा प्लेटफॉर्म्स में 70,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। पिछले हफ्ते कंपनी की एक जांच में यह बात सामने आई कि उसके कुछ कर्मचारियों ने मील क्रेडिट्स का दुरुपयोग किया। यहां तक कि जब वे ऑफिस में नहीं थे, तब भी उन्होंने खाना घर भिजवाया। $400,000 की सैलरी लेने वाले एक वर्कर ने दावा किया की उसने मील क्रेडिट्स से टूथपेस्ट और चाय जैसे घरेलू आइटम खरीदे। निकाले गए वर्कर्स ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने मील क्रेडिट्स का मिसयूज किया था।
फेसबुक का सफर
अगले साल यानी 2005 में उन्होंने आधिकारिक रूप से अपनी कंपनी का नाम फेसबुक रखा। उसी साल याहू ने कंपनी को एक अरब डॉलर में खरीदने की पेशकश की थी लेकिन इस ऑफर को जकरबर्ग ने ठुकरा दिया था। साल 2007 में 23 साल की उम्र में जकरबर्ग दुनिया में सबसे कम उम्र के बिलिनेयर बन गए थे। साल 2012 में फेसबुक पब्लिक हुई जो उस समय सबसे बड़ा टेक आईपीओ था। मेटा प्लेटफॉर्म्स आज 1.459 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सातवीं बड़ी वैल्यूएबल कंपनी है।











