मध्‍य प्रदेश के इन तीन संभागों में बारिश और ओलावृष्टि के आसार

मध्‍य प्रदेश के इन तीन संभागों में बारिश और ओलावृष्टि के आसार
 भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कुछ शहरों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शनिवार को रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और सिक्किम में बिजली, तेज हवाएं (40-60 किमी प्रति घंटे) और ओलावृष्टि जबकि भारी वर्षा के साथ गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में 21 मार्च, 2025 की दोपहर से रात के समय तक होने की संभावना है।
  • स्‍कायमेट वेदर के अनुसार पूर्वी और मध्य भारत में बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलेंगी।
  • अगले 48 घंटों में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
  • रविवार से विपरीत दिशाओं की हवाओं का सम्मिलन वाली द्रोणिका के भी कमजोर पड़ने की संभावना है।
  • इस वजह से रविवार से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। बादलों के छंट जाने से दिन के तापमान में भी कुछ बढ़ोतरी होने लगेगी।

झारखंड के लिए मौसम अलर्ट

  • अगले कुछ घंटों के दौरान बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हज़ारीबाग़, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी।
  • अगले 24 घंटों के दौरान, पश्चिम बंगाल, झारखंड और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
  • पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, बिहार, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़े।
  • रविवार से मौसम साफ होने की संभावना है। उधर शुक्रवार को सबसे अधिक 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन में दर्ज किया गया।
  • रात का सबसे कम 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान राजगढ़ में रिकार्ड किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 15.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
  • पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में सबसे अधिक ब्यौहारी में 87 मिलीमीटर वर्षा हुई।
  • मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है।
  • इसके अतिरिक्त दक्षिणी छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक तक द्रोणिका (विपरीत दिशाओं की हवाओं का सम्मिलन) बनी हुई है।
  • इस वजह से पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। मौसम विशेषज्ञ अजय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़कर आगे बढ़ चुका है।
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