सीएम योगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है, जो काशी से दिल्ली के बीच चलेगी।
दोनों शहरों के बीच का सफर करीब 9 घंटे में पूरा होगा। ट्रेन प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद में भी रुकेगी। यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी। वाराणसी से यह ट्रेन शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को नहीं चलेगी।
पूरी तरह एसी इस ट्रेन में 16 कोच होंगे। इसमें 823 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में फर्स्ट एसी का 1, सेकेंड एसी के 4 और थर्ड एसी के 11 कोच होंगे।
ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले सीएम योगी और रेल मंत्री ने इसका निरीक्षण किया। दोनों ने लोको पायलट से बातचीत की। इस दौरान रेल मंत्री ने सीएम योगी को ट्रेन की खूबियां भी बताईं।
इसके बाद दोनों कोच में मौजूद स्कूली बच्चों से मिले। एक छात्र ने ‘बनारस विकसित भारत’ थीम पर बनाई पेंटिंग दिखाई, जिसकी दोनों ने सराहना की।
इससे पहले देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई थी।
सीएम योगी ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से काशी से दिल्ली का सफर सिर्फ साढ़े तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। इससे यात्रियों को हवाई जहाज से भी आसान और सस्ती यात्रा की सुविधा मिलेगी।
आज काशी में आधुनिक रेलवे स्टेशन हैं। यहां के रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाओं के साथ काशी की स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है।
1. स्टाफ के लिए अलग बर्थ: ट्रेन में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग बर्थ बनाई गई हैं, ताकि रात में उन्हें आराम मिल सके।
2. लोको पायलट के लिए टॉयलेट: ट्रेन में लोको पायलट के लिए अलग टॉयलेट की सुविधा दी गई है।
3. बर्थ पर चढ़ना आसान: मिडिल और अपर बर्थ पर चढ़ने के लिए नई डिजाइन की सीढ़ियां लगाई गई हैं।
4. रात में चलकर सुबह पहुंचेंगे: यात्री रात में वाराणसी से चलकर सुबह दिल्ली और दिल्ली से चलकर सुबह वाराणसी पहुंच सकेंगे।
5. छात्रों के लिए सस्ता MST: वाराणसी सिटी से राजा तालाब तक मासिक टिकट 95 रुपए और बनारस से प्रयागराज रामबाग तक छात्रों के लिए 220 रुपए रखा गया है।
नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों ने कोच में मौजूद स्कूली बच्चों से बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया। एक छात्र ने ‘बनारस विकसित भारत’ थीम पर बनाई अपनी पेंटिंग भी दिखाई। सीएम योगी और रेल मंत्री ने पेंटिंग देखी और छात्र की सराहना की।
सीएम योगी रेलवे स्टेशन पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने बच्चों से बातचीत की। इसके बाद वह क्रू मेंबर्स से मुलाकात करने उनके केबिन में पहुंचे।
गंगा पर बन रहे सिग्नेचर ब्रिज को ‘नमो ब्रिज’ नाम से संबोधित किया
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को विकास कार्यों का जायजा लेने वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के काम का निरीक्षण किया। साथ ही गंगा नदी पर बन रहे सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया।
रेल मंत्री ने इस ब्रिज को ‘नमो ब्रिज’ नाम से संबोधित किया।
सीएम योगी ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए बनारस स्टेशन पहुंचेंगे। योगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शाम 4 बजकर 56 मिनट पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटना से पहले रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने सिग्नेचर ब्रिज कंस्ट्रक्शन साइट का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बनारस से दिल्ली को जोड़ने के लिए आज वंदे भारत स्लीपर बहुत ही मेहनत के साथ, बहुत ही ध्यान रख के बनाई गई ट्रेन है।
ये एक तरीके से हमारे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक नई एक जो यातायात में, ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक नई सुविधा होगी।
आप बनारस से रात में बैठेंगे, अर्ली मॉर्निंग दिल्ली पहुंच जाएंगे। वैसे ही दिल्ली से रात में बैठेंगे और अर्ली मॉर्निंग बनारस पहुंच जाएंगे। एक तरीके से ओवरनाइट ट्रेन की जर्नी के हिसाब से वंदे भारत स्लीपर का डिजाइन किया गया है।
काशी को दो नई मेमू ट्रेनों की भी सौगात
वंदे भारत स्लीपर के साथ वाराणसी क्षेत्र को दो नई रेल सेवाओं की भी सौगात मिलेगी। वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों में 12 कोच होंगे। रास्ते में वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशन पर ठहराव होगा। इससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को फायदा मिलेगा।
इसके अलावा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच मेमू सेवा को आगे बढ़ाने की योजना है। इससे दोनों धार्मिक और शैक्षिक शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। इन नई सेवाओं से काशी की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ स्थानीय यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, ऑटोमैटिक दरवाजे और फायर सिस्टम
ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ऑटोमैटिक दरवाजे और आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम भी दिया गया है। इसके अलावा उन्नत सस्पेंशन और सुरक्षा तकनीक से ट्रेन को तेज गति में भी स्थिर रखने की व्यवस्था की गई है।
फर्स्ट AC में शॉवर, विमान जैसी सुविधाओं का अनुभव
ट्रेन के फर्स्ट AC कोच में यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। यहां बर्थ और केबिन का इंटीरियर ज्यादा लग्जरी रखा गया है। फर्स्ट AC के बाथरूम में शॉवर की सुविधा भी मिलेगी। सभी कोच में इंडियन और वेस्टर्न स्टाइल के बायो टॉयलेट लगाए गए हैं। यात्रियों को सफर के दौरान साफ-सफाई और आराम का बेहतर अनुभव देने की कोशिश की गई है।
RAC और वेटिंग टिकट पर सफर नहीं कर सकेंगे यात्री
इस ट्रेन की सबसे खास व्यवस्था यह है कि इसमें पारंपरिक ट्रेनों की तरह RAC और वेटिंग टिकट की सुविधा नहीं होगी। केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकेंगे। इससे कोच में निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ नहीं होगी। यात्रियों को अपनी बर्थ पर आराम से सोने और सामान रखने की सुविधा मिलेगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट और रीडिंग लाइट दी गई है। बर्थ की कुशनिंग को बेहतर बनाया गया है, ताकि रातभर के सफर में यात्रियों को आराम मिले। ट्रेन में आधुनिक इंटीरियर, सेंट्रलाइज्ड AC और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है। तेज रफ्तार में भी झटके और बाहरी शोर कम महसूस होंगे। कोच में ऑटोमैटिक सेंसर वाले दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी लगाए गए हैं।
16 कोच में 1128 यात्रियों के सफर की व्यवस्था
वंदे भारत स्लीपर पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन है। इसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें 11 थर्ड AC, चार सेकेंड AC और एक फर्स्ट AC कोच शामिल है। ट्रेन में कुल 1128 बर्थ हैं। थर्ड AC में 611, सेकेंड AC में 188 और फर्स्ट AC में 24 यात्रियों के सफर की व्यवस्था है। ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसका स्वीकृत संचालन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तीनों श्रेणी का किराया जानिए
थर्ड AC: वंदे भारत स्लीपर का किराया जीएसटी सहित करीब 1,910 रुपए होगा। शिवगंगा एक्सप्रेस में 1,170 रुपए और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में 1,160 रुपए किराया है। यानी दोनों के मुकाबले करीब 740 से 750 रुपए ज्यादा देने होंगे। महामना एक्सप्रेस के 1,350 रुपए किराये से यह करीब 560 रुपए महंगी है।
सेकेंड AC: वंदे भारत का किराया करीब 2,467 रुपए होगा। शिवगंगा और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के करीब 1,645 रुपए के मुकाबले यह 822 रुपए ज्यादा है। महामना एक्सप्रेस के 1,895 रुपए किराये से करीब 572 रुपए अधिक है।
फर्स्ट AC: वंदे भारत का किराया करीब 3,024 रुपए होगा। शिवगंगा एक्सप्रेस के 2,725 रुपए और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के 2,740 रुपए के मुकाबले यह करीब 299 और 284 रुपए ज्यादा है। हालांकि, महामना एक्सप्रेस के 3,160 रुपए किराये से वंदे भारत करीब 136 रुपए सस्ती पड़ेगी।
शिवगंगा से करीब 740 रुपए ज्यादा, महामना से 560 रुपए महंगी थर्ड AC
वंदे भारत स्लीपर का किराया दूसरी ट्रेनों के मुकाबले काफी अधिक रखा गया है। रेलवे की शुरुआती अधिसूचना के मुताबिक, थर्ड AC का बेस किराया 1819 रुपए, सेकेंड AC का 2349 रुपए और फर्स्ट AC का 2880 रुपए है। इस पर 5% जीएसटी अलग से देना होगा। जीएसटी जोड़ने के बाद किराया क्रमश: करीब 1910 रुपए, 2467 रुपए और 3024 रुपए हो जाएगा।
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली प्रमुख ट्रेनों के सामान्य किराए से तुलना करें तो अंतर साफ नजर आता है।
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज, 31 अक्टूबर से शुरू होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और CM योगी बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। PM मोदी दोपहर 3 बजे वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
यह उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी। इसका किराया शिवगंगा, काशी विश्वनाथ और महामना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से काफी ज्यादा है। थर्ड AC में शिवगंगा के मुकाबले 700 रुपए से ज्यादा और सेकेंड AC में 822 रुपए अधिक देने होंगे। हालांकि, यात्री आधुनिक सुविधाओं के साथ रात में सोते हुए दिल्ली पहुंच सकेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा।

