केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने अपनी और पत्नी की संपत्ति का ब्योरा भी हलफनामे में दिया। इसके मुताबिक, उनकी पत्नी के पास 10.66 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 2,90,658 अमेरिकी डॉलर हैं।
हलफनामे के अनुसार, पिछले 5 साल में उनकी पत्नी की सालाना आय 15.39 लाख रुपए से बढ़कर 1 करोड़ 69 लाख 77 हजार रुपए हो गई। वहीं, हरदीप पुरी की सालाना आय 63.26 लाख से बढ़कर 75 लाख 57 हजार रुपए हुई।
अचल संपत्ति की बात करें तो हरदीप पुरी की पत्नी के नाम 9 करोड़ रुपए की संपत्ति और 30 लाख स्विस फ्रैंक दर्ज हैं। वहीं, पुरी के नाम 6.54 करोड़ रुपए की चल और 20 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।
पत्नी की आय में लगातार बढ़ोतरी
हलफनामे में पत्नी की सालाना आय का साल-दर-साल ब्योरा भी दिया गया है। 2022-23 में यह 1 करोड़ 2 लाख रुपए थी। 2023-24 में बढ़कर 1 करोड़ 7 लाख और 2024-25 में 1 करोड़ 61 लाख रुपए हो गई।
वहीं, हरदीप पुरी की सालाना आय में इस दौरान उतार-चढ़ाव रहा। 2022-23 में उनकी आय 65.11 लाख रुपए थी, जो 2023-24 में घटकर 57.36 लाख और 2024-25 में 50.51 लाख रुपए रह गई।
पेंशन, वेतन और किराया आय के सोर्स
हरदीप पुरी ने अपनी आय के स्रोत में पेंशन, केंद्रीय मंत्री के रूप में मिलने वाला वेतन, दिल्ली स्थित प्रॉपर्टी से मिलने वाला किराया और बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज बताया है।
उनकी पत्नी की आय के स्रोत में भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र से मिलने वाली पेंशन, जिनेवा (स्विट्जरलैंड) स्थित प्रॉपर्टी से मिलने वाला किराया और बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज शामिल है।
मंत्री कृष्णा गौर बनीं प्रस्तावक
नामांकन की तैयारियों के तहत शुक्रवार को राज्य सरकार की मंत्री कृष्णा गौर ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के लिए प्रस्तावक बनने की सहमति दी। उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।
शनिवार को नामांकन दाखिल करते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित विधायक सुरेंद्र पटवा और अन्य नेता मौजूद रहे।
नामांकन के दौरान पुरी ने मीडिया से दूरी रखी
नामांकन दाखिल करने से पहले और बाद में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बात नहीं की। मीडिया को केवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संबोधित किया।
CM बोले- दिवाली से पहले सांसद का उपहार मिलने जा रहा
नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले के बाद हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले मध्य प्रदेश को पुरी के रूप में एक सांसद का उपहार मिलने जा रहा है।
सीएम ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी का संसदीय जीवन लंबा रहा है। केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने मध्य प्रदेश को बीना रिफाइनरी, नागरिक उड्डयन, स्मार्ट सिटी, मेट्रो रेल, मेट्रोपॉलिटन सिटी और स्वच्छता अभियान सहित कई सौगातें दी हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में भी वे प्रदेश को नई सौगातें देते रहेंगे।
विरोध की आशंका में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन का विरोध करने की कांग्रेस की योजना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सुबह से सतर्क रहा। भोपाल में प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस ने युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमित खत्री समेत संगठन के कई नेताओं को हिरासत में लिया।
पुलिस अमित खत्री को ऐशबाग थाने ले गई। वहीं, युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और जिला अध्यक्ष अंकित दुबे को हबीबगंज थाने ले जाया गया। मोहित सक्सेना को अयोध्या नगर थाने में बैठाया गया।
उमंग सिंघार बोले- दामन साफ है तो सवालों से डर कैसा?
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाए। उन्होंने एपस्टीन फाइल्स के खुलासे का जिक्र करते हुए पुरी पर मीडिया से बचने और सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया।
सिंघार ने कहा- उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं तो वहां से टिकट तक नहीं मिला और मुंह उठाकर मध्य प्रदेश में टपक पड़े। एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के बाद मीडिया से छिपते-छिपाते नामांकन भरने वाले हरदीप पुरी को सवालों के जवाब देने चाहिए। अगर दामन साफ है तो सवालों से यह खौफ कैसा? जवाब दीजिए।
सिंघार ने कहा- मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपने उम्मीदवार को सामने तक नहीं कर पा रहे हैं। आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है, जिसके चलते भाजपा को मुंह छिपाकर भागना पड़ रहा है।
हरदीप पुरी के खिलाफ कांते सायन्ना ने भी भरा नामांकन
तेलंगाना के हैदराबाद से आए कांते सायन्ना ने भी हरदीप पुरी के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि वे किसी दल से जुड़े नहीं हैं और राजनीतिक व्यवस्था बदलने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
सायन्ना अब तक 5 बार विधानसभा, 6 बार लोकसभा और कई बार राज्यसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वे उपराष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन भर चुके हैं।
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए सामान्य परिस्थितियों में 116 मतों के कोटे की आवश्यकता होती है। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले पाने के कारण अब 229 विधायकों के आधार पर चुनावी गणित तय होगा।
इस उपचुनाव में बीना से विधायक निर्मला सप्रे की भूमिका पर भी नजरें हैं। आधिकारिक तौर पर वे खुद को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन लगातार भाजपा के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई देती हैं। दलबदल से जुड़े मामले के कारण उनके वोट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके बाद ही दोनों दलों के अंतिम मत-आंकड़ों की तस्वीर साफ हो पाएगी।
हाल ही में अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हुई थीं। इससे पहले हरदीप ने कहा था कि वे कभी एपस्टीन से अकेले नहीं मिले।

