कटनी नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 617 करोड़ रुपए का बजट रखा है, लेकिन शहर के 45 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई काम अब भी अधूरे हैं। बजट का 50.80% हिस्सा वेतन और प्रशासनिक खर्च के लिए निर्धारित है। ऐसे में विकास कार्यों के लिए बची राशि के इस्तेमाल और कामों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर निगम में 994 अधिकारी-कर्मचारी
11 जनवरी 1981 को स्थापित नगर निगम में 994 अधिकारी और कर्मचारी शहर के विकास और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बजट में स्थापना खर्च के बाद विकास कार्यों के लिए कितनी राशि बचती है और उसका इस्तेमाल किस तरह हो रहा है, यह अहम सवाल है। पिछले पांच साल में 13,816.97 लाख रुपए के काम स्वीकृत हुए, जबकि विकास कार्यों पर 7,254.4 लाख रुपए खर्च किए गए।
8 से 10 साल बाद भी पूरे नहीं हुए प्रोजेक्ट
शहर में कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिन्हें शुरू हुए 8 से 10 साल हो चुके हैं, लेकिन वे अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। इनमें सीवर लाइन बिछाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैटों का आवंटन, मल्टी निर्माण, एसटीपी प्लांट और झिंझरी मिनी बस स्टैंड के काम शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स की धीमी रफ्तार के कारण लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
45 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की मांग
शहर के कई वार्डों में बिजली, पानी, सड़क, सामुदायिक भवन, पेवर ब्लॉक, नाली और नालों के निर्माण की जरूरत है। नगर निगम टैक्स वसूल रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों की रफ्तार धीमी बनी हुई है। ऐसे में सवाल है कि स्वीकृत बजट और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध राशि का उपयोग किस तरह किया जा रहा है और अधूरे प्रोजेक्ट समय पर पूरे क्यों नहीं हो पा रहे हैं।
इस साल स्वीकृत कामों पर खर्च शून्य
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच साल में 13,816.97 लाख रुपए के काम स्वीकृत किए गए, जिनमें से 7,254.4 लाख रुपए खर्च हुए। वहीं, इस साल 1,209.2 लाख रुपए के काम स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन दिए गए आंकड़ों के अनुसार इन पर अब तक व्यय शून्य है। पिछले पांच साल में अकेले महापौर के वार्ड में 29 विकास कार्य स्वीकृत किए गए।
आयुक्त बोलीं- अधूरे कामों में तेजी लाएंगे
नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने कहा कि शहर में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जो प्रोजेक्ट अधूरे हैं, उन पर तेजी से काम कराया जाएगा। शहर की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार नया प्लान तैयार कर विकास कार्यों को गति दी जाएगी।

