पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले कई महिलाओं को अंडरवियर में सफेद या क्रीमी डिस्चार्ज पहले से ज्यादा महसूस हो सकता है। कभी यह गाढ़ा या चिपचिपा होता है, तो कभी इसकी मात्रा बढ़ी हुई लगती है। ऐसे बदलाव देखकर मन में सवाल उठ सकता है कि क्या यह शरीर में किसी समस्या का संकेत है या मेंस्ट्रुअल साइकिल का सामान्य हिस्सा? विशेषज्ञों के अनुसार, वजाइना से होने वाला डिस्चार्ज शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसकी मात्रा व बनावट पूरे महीने बदल सकती है। हालांकि, डिस्चार्ज के साथ तेज बदबू, खुजली, जलन या दर्द जैसे लक्षण हों, तो जांच जरूरी हो सकती है।
पीरियड्स आने से पहले वजाइनल डिस्चार्ज ज्यादा क्यों महसूस हो सकता है?
वजाइनल डिस्चार्ज वजाइना को नम रखने, मृत कोशिकाओं को बाहर निकालने और उसके सामान्य वातावरण को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी मात्रा हर महिला में अलग हो सकती है। किसी को पीरियड्स से पहले डिस्चार्ज अधिक महसूस होता है, जबकि किसी को खास बदलाव नजर नहीं आता। दोनों स्थितियां सामान्य हो सकती हैं, बशर्ते डिस्चार्ज में असामान्य गंध या दूसरे परेशान करने वाले लक्षण न हों।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के अनुसार पीरियड्स से पहले हार्मोन के स्तर में बदलाव के कारण डिस्चार्ज की बनावट और मात्रा बदल सकती है। इस दौरान यह पहले की तुलना में गाढ़ा, सफेद या चिपचिपा लग सकता है। इसलिए केवल डिस्चार्ज ज्यादा महसूस होने का मतलब संक्रमण होना नहीं है। यह समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है कि बदलाव आपके सामान्य पैटर्न से कितना अलग है और इसके साथ कोई अन्य लक्षण मौजूद हैं या नहीं।
मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन डिस्चार्ज को कैसे प्रभावित करते हैं?
मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बदलता रहता है। इन हार्मोन का असर सर्वाइकल म्यूकस यानी गर्भाशय ग्रीवा से निकलने वाले स्राव पर पड़ता है, जो वजाइनल डिस्चार्ज का एक हिस्सा है। इसी वजह से महीने के अलग-अलग दिनों में डिस्चार्ज की मात्रा और बनावट अलग हो सकती है।
हेल्थ डायरेक्ट के अनुसार ओव्यूलेशन यानी अंडाशय से अंडा निकलने के आसपास एस्ट्रोजन बढ़ता है। इस समय डिस्चार्ज अक्सर ज्यादा साफ, गीला, फिसलन वाला और खिंचने योग्य होता है। ओव्यूलेशन के बाद हार्मोनल बदलाव के कारण यह दोबारा गाढ़ा या चिपचिपा हो सकता है। इसलिए पीरियड्स से पहले डिस्चार्ज का गाढ़ा महसूस होना कई महिलाओं में सामान्य शारीरिक बदलाव हो सकता है। हालांकि, हर महिला का हार्मोनल पैटर्न एक जैसा नहीं होता।
सफेद या क्रीमी डिस्चार्ज कब सामान्य माना जाता है?
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार सफेद, दूधिया या हल्का क्रीमी वजाइनल डिस्चार्ज अक्सर सामान्य होता है। यदि इसमें तेज या अप्रिय गंध नहीं है और खुजली, जलन, सूजन या दर्द जैसे लक्षण भी नहीं हैं, तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। डिस्चार्ज का हल्का पीला दिखना भी कभी-कभी सामान्य हो सकता है, खासकर जब वह अंडर गारमेंट पर सूख जाता है।
वजाइना का प्राकृतिक स्राव उसके अंदर मौजूद सामान्य माइक्रोऑर्गेनिज्म और मृत कोशिकाओं को बाहर निकालने में मदद करता है। यह शरीर की सफाई की स्वाभाविक प्रक्रिया है, न कि अपने आप में किसी बीमारी का संकेत। लेकिन यदि सफेद डिस्चार्ज बहुत गाढ़ा होकर पनीर जैसा दिखाई दे और उसके साथ तेज खुजली या जलन हो, तो यीस्ट इन्फेक्शन की संभावना हो सकती है। केवल रंग या बनावट के आधार पर खुद से संक्रमण का निदान नहीं करना चाहिए।
क्या पीरियड्स से पहले चिपचिपा, थीक या थोड़ा चिपचिपा डिस्चार्ज आना सामान्य है?
एनएचएस के मुताबिक पीरियड्स से पहले डिस्चार्ज का गाढ़ा, चिपचिपा या पेस्ट जैसा महसूस होना सामान्य बदलावों में शामिल हो सकता है। ओव्यूलेशन के दौरान जहां सर्वाइकल म्यूकस ज्यादा साफ और खिंचने योग्य हो सकता है, वहीं मासिक चक्र के दूसरे हिस्से में इसकी बनावट बदल सकती है। इसलिए हर दिन एक जैसा डिस्चार्ज होना जरूरी नहीं है।
सामान्य डिस्चार्ज की बनावट पानी जैसी, चिकनी, चिपचिपी या कुछ गाढ़ी हो सकती है। इसका आकलन करते समय केवल टेक्सचर पर ध्यान देने के बजाय गंध, रंग और दूसरे लक्षणों को भी देखना चाहिए। यदि चिपचिपे डिस्चार्ज के साथ बदबू, खुजली, जलन या पेशाब करते समय दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। इसी तरह, डिस्चार्ज की मात्रा अचानक बहुत बढ़ जाए या उसका पैटर्न लगातार असामान्य बना रहे, तो जांच करवाना उचित है।
डिस्चार्ज के रंग में बदलाव कब चिंता की बात हो सकता है?
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के अनुसार डिस्चार्ज के रंग, गंध या बनावट में बदलाव कभी-कभी वजाइनल इंफेक्शन या दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। खासकर जब बदलाव आपके सामान्य पैटर्न से अलग हो या उसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें।
इन संकेतों पर ध्यान दें:
तेज या मछली जैसी बदबू: पतला, सफेद या धूसर डिस्चार्ज और मछली जैसी गंध बैक्टीरियल वैजिनोसिस (Bacterial Vaginosis) से जुड़ी हो सकती है।
बहुत गाढ़ा, व्हाइट जैसा डिस्चार्ज: इसके साथ तेज खुजली, लालिमा या जलन हो, तो यीस्ट इन्फेक्शन की आशंका हो सकती है।
पीला-हरा या झागदार डिस्चार्ज: यह कुछ संक्रमणों का संकेत हो सकता है और मेडिकल जांच जरूरी है।
डिस्चार्ज के साथ पेशाब में जलन: संक्रमण या मूत्र संबंधी समस्या की जांच की जरूरत हो सकती है।
पेल्विक दर्द, बुखार या असामान्य ब्लीडिंग: ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। तेज दर्द, बुखार या अधिक रक्तस्राव होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
इन संकेतों से किसी खास बीमारी की पुष्टि नहीं होती। अलग-अलग समस्याओं के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच या डिस्चार्ज का सैंपल लेकर सही कारण पता कर सकते हैं।
पीरियड्स से पहले वजाइनल डिसचार्ज का थोड़ा ज्यादा महसूस होना या उसका सफेद, क्रीमी, गाढ़ा और चिपचिपा होना कई महिलाओं में सामान्य हार्मोनल बदलाव का हिस्सा है। इसकी बनावट और मात्रा पूरे मेस्ट्रुअल साइकिल में बदल सकती है। चिंता तब ज्यादा जरूरी होती है जब इसके साथ तेज बदबू, खुजली, जलन, पेल्विक दर्द, बुखार या असामान्य ब्लीडिंग हो। ऐसे लक्षणों में खुद से इलाज करने के बजाय गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें। अपने शरीर के सामान्य पैटर्न को समझना और बदलावों पर ध्यान देना वजाइनल हेल्थ की देखभाल का अहम हिस्सा है।

