बागपत में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। कहा- विपक्ष का नेता तो ऐसा हो गया है, जैसे कोई बंदर नाच रहा हो। कभी इस डाल पर, कभी उस डाल पर।
मैं जब बंदर बाबा को देखता हूं, तो बहुत दुख होता है। मैंने कहा कम है, समझना ज्यादा। रानी के पेट से अब राजा पैदा नहीं होते, वोट से कोई भी व्यक्ति राजा बनता है।
बृजभूषण रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे एसपीआरसी डिग्री कॉलेज में हुए क्षत्रिय स्वाभिमान सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने समाज के युवाओं से जागरूक, शिक्षित और संगठित होने की अपील की।
1. ‘विपक्ष के नेता बंदर की तरह नाच रहे’
मैं जब देश की दुर्दशा को देखता हूं, तो सबसे ज्यादा कांग्रेस के युवा नेता को कोसता हूं। 55 साल के हो गए, समझदार नहीं हुए। अगर वो सही ढंग से विपक्ष की भूमिका निभाते, तो देश और अच्छी प्रगति करता।
हमारे देश में लोकतंत्र है। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष की कल्पना की गई है और सशक्त विपक्ष की कल्पना की गई है। लेकिन, विपक्ष का नेता तो ऐसा हो गया है, जैसे कोई बंदर नाच रहा हो।
2. ‘जब बंदर बाबा को देखता हूं तो दुख होता है’
मुझे दुख होता है, क्योंकि मेरे बाबा साल-1952 में कांग्रेस से विधायक थे। 2 साल बाद मर गए। यह मेरे बाबा की पार्टी है। मैं उस पार्टी में नहीं हूं। लेकिन, मेरे बाबा की पार्टी होने के नाते मैं उससे सहानुभूति रखता हूं। लेकिन, जब बंदर बाबा को देखता हूं तो दुख होता है।
3. ‘कॉकरोच छुट्टी वाले दिन आंदोलन करते हैं’
यूजीसी न आया था और न आगे आएगा। इसलिए वो बवाल छोड़ो। अब पॉजिटिव तलाशो। ये जो आकरोच-कॉकरोच आए हैं, इनके चक्कर में न पड़ जाना। ये आए नहीं हैं, मेरे भाई ये भेजे गए हैं।
इनके आंदोलन, खुद के आंदोलन नहीं हैं। इनके लिए विदेश से फंड आता है। ये उसी दिन आंदोलन करते हैं, जिस दिन ज्यादा व्यापार की संभावना होती है। ये छुट्टी के दिन आंदोलन करते हैं।
व्यापारी लोग समझाते-समझाते मर गए। एक बड़े नेता से कहा कि दिवाली का समय है, यह धरना-प्रदर्शन दो-चार दिन बाद कर लें। उन्होंने कहा कि हम व्यापारियों को बुलाएंगे। व्यापारी हमें समझाएं कि हमारा क्या नुकसान है? हम उनको समझाएंगे तुम्हारा नुकसान नहीं है और तब टालेंगे।
4. ‘मैं किससे मन की बात कहूं’
मेरे भाई किससे मन की बात कहूं मैं, सुनने को तैयार कौन है? फुर्सत किसको है? लगे हुए सब अपने-अपने, सबको अपनी-अपनी है। बनकर मूक, मेघ सा कब तक बोलो वज्राघात सहूं मैं, किससे मन की बात कहूं मैं?
5. ‘सिक्योरिटी मिली है, इसलिए चंद्रशेखर बोल रहे’
चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए बृजभूषण ने कहा- अरे भैया,क्या कहें तुम्हारी बुद्धि को? तुम इसलिए बोल रहे हो क्योंकि सिक्योरिटी तुमको मिली है। तुम ही नहीं, ऐसा अगर मैं भी करता तो मुझे भी सरकारी सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए। दरअसल, चंद्रशेखर ने कहा था कि मैं बृजभूषण सिंह को विश्नोहरपुर से खींच कर लाऊंगा।
युवाओं को सफल लोगों के साथ उठने-बैठने की दी सलाह
बृजभूषण ने युवाओं से सफल लोगों के साथ उठने-बैठने की अपील की। कहा कि इसका व्यक्ति पर असर पड़ता है। निकम्मे लोगों के साथ बैठने से हासिल की गई चीजें भी खत्म हो सकती हैं।
उन्होंने अपने दैनिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे खेतों में धान की कटाई का ध्यान रखते हैं। गाय को गुड़ खिलाते हैं। इन गतिविधियों की रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालते हैं, जिससे दूसरे लोग भी इससे प्रभावित हों।
अमेरिकी दोस्त मार्विन आची के आरोपों पर बिग बॉस फेम औरैया की शिवानी कुमारी ने जवाब दिया है। शिवानी का कहना है कि टेसू की शादी कराने का कार्यक्रम पहले से फिक्स था। मार्विन को इसके बारे में पता था। उनकी सहमति से ही उन्हें तैयार किया गया था।
मार्विन आची ने यूट्यूब पर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने शिवानी पर दोस्ती और भरोसे की आड़ में मजाक उड़ाने और लाइक्स-व्यूज के लिए अपमानित करने का आरोप लगाया था। शिवानी से दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने फोन पर बात की।

