आयरन की कमी होने पर डॉक्टर अक्सर आयरन की गोलियां लेने की सलाह देते हैं। खासकर महिलाओं, गर्भवती महिलाएं और आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के मरीजों के लिए इनकी जरूरत हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयरन की गोली लेने का समय और उसके साथ खाई-पी जाने वाली चीजें भी इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं? कैल्शियम सप्लीमेंट, चाय, कॉफी और कुछ अन्य मिनरल सप्लीमेंट्स आयरन के शरीर में अवशोषित होने में बाधा डाल सकते हैं। हालांकि, हर सप्लीमेंट को एक साथ लेना नुकसानदेह नहीं होता और सही समय का अंतर आपकी दवा, खुराक और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
आयरन की गोली लेने के बावजूद हीमोग्लोबिन क्यों नहीं बढ़ता?
एनआईएच के मुताबिक आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी मिनरल है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाता है। शरीर में आयरन की कमी होने पर हीमोग्लोबिन कम हो सकता है और एनीमिया की समस्या हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट दिए जाते हैं।
लेकिन आयरन की गोली लेने के बाद भी हीमोग्लोबिन न बढ़ने की कई वजहें हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, गोली नियमित रूप से न लेना, शरीर में आयरन का ठीक से अवशोषण न होना, लगातार रक्तस्राव होना या आयरन की कमी के अलावा किसी अन्य कारण से एनीमिया होना। कुछ लोगों में पेट या आंतों की बीमारियां भी पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं।
एनएचएस के अनुसार चाय-कॉफी या कुछ सप्लीमेंट्स को आयरन के साथ लेने से उसका अवशोषण कम हो सकता है। इसलिए केवल गोली लेना ही पर्याप्त नहीं; उसे सही तरीके से लेना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार फॉलो-अप ब्लड टेस्ट कराना भी जरूरी है। आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के इलाज में सुधार आने में कई सप्ताह लग सकते हैं और शरीर के आयरन स्टोर दोबारा भरने में इससे अधिक समय लग सकता है।
कैल्शियम सप्लीमेंट आयरन के अवशोषण को कैसे प्रभावित कर सकता है?
कैल्शियम हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए जरूरी है, लेकिन कैल्शियम सप्लीमेंट और आयरन की गोली एक ही समय पर लेने से आयरन का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। स्टडी में कैल्शियम को आयरन के अवशोषण में संभावित बाधा के रूप में देखा गया है। हालांकि, सामान्य खानपान में कैल्शियम का लंबे समय तक आयरन की स्थिति पर कितना असर पड़ता है, इसके प्रमाण एक जैसे नहीं हैं।
एनएचएस के अनुसार अगर डॉक्टर ने आयरन और कैल्शियम दोनों सप्लीमेंट लेने को कहा है, तो इन्हें एक ही समय पर लेने के बजाय अलग-अलग समय पर लेने की सलाह दी जा सकती है। आयरन की दवा के साथ दूध, कैल्शियम से भरपूर ड्रिंक या कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से बचने और इनके बीच लगभग दो घंटे का अंतर रखने चाहिए।
ध्यान रखें, कैल्शियम को पूरी तरह बंद करना सही नहीं है। अगर आपको कैल्शियम की जरूरत है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से दोनों सप्लीमेंट्स का समय तय कराएं।
क्या मैग्नीशियम और जिंक सप्लीमेंट्स को आयरन से अलग समय पर लेना चाहिए?
एनआईएच के अनुसार, एक ही समय पर 25 mg या उससे अधिक आयरन लेने से जिंक का अवशोषण कम हो सकता है। इसलिए अगर आपको आयरन और जिंक दोनों की सप्लीमेंट्स दी गई हैं, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से इनके समय के बारे में पूछें।
मैग्नीशियम के हर सप्लीमेंट के लिए यह कहना सही नहीं होगा कि उसे आयरन से अनिवार्य रूप से अलग समय पर लेना ही चाहिए। लेकिन कुछ मिनरल कॉम्बिनेशन, एंटासिड या दूसरी दवाएं आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए सप्लीमेंट का पूरा नाम, उसकी खुराक और साथ ली जा रही दवाओं की जानकारी डॉक्टर या फार्मासिस्ट को अवश्य दें।
चाय और कॉफी आयरन की गोली के असर को कैसे कम कर सकती हैं?
एनसीबीआई के अनुसार अगर आप सुबह आयरन की गोली लेने के तुरंत बाद हर्बल चाय या कॉफी पीते हैं, तो यह उसकी प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकता है। चाय और कॉफी में पॉलिफिनोल नाम के यौगिक होते हैं, जो खासतौर पर Non-heme Iron यानी पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। ये यौगिक आयरन के साथ ऐसे कॉम्प्लेक्स बना सकते हैं, जिससे शरीर के लिए उसे अवशोषित करना मुश्किल हो जाता है।
आयरन की गोली लेने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि इसे किस समय और किन चीजों से अंतर रखकर लेना चाहिए। कैल्शियम सप्लीमेंट, चाय, कॉफी और कुछ अन्य मिनरल सप्लीमेंट आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, हर सप्लीमेंट के लिए एक जैसा नियम लागू नहीं होता। यदि आयरन लेने के बावजूद हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ रहा है, तो केवल खुराक बढ़ाने के बजाय इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। सही दवा, नियमित सेवन, संतुलित डाइट और समय पर जांच से आयरन की कमी का बेहतर इलाज संभव है।

