अफीम नीति 2026-27 में बढ़ा पात्रता का दायरा: उप नारकोटिक्स आयुक्त श्री नरेश बुंदेल
4 हजार से अधिक अतिरिक्त किसानों को मिल सकेंगे लाइसेंस
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कोटा, 27 अक्टूबर 2026। अफीम नीति 2026-27 में बढ़ा पात्रता का दायरा और 4 हजार से ज्यादा अतिरिक्त किसान और जुड़ सकेंगे ,पिछले साल 49 हजार किसानों को मिले थे लाइसेंस। यह जानकारी आज केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, राजस्थान इकाई, कोटा के उप नारकोटिक्स आयुक्त श्री नरेश बुंदेल ने अफीम नीति 2026-27 के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस मे दी । उन्होंने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को नई अफीम नीति के प्रमुख प्रावधानों, पात्रता मानदंडों, न्यूनतम अर्हक उपज (MQY), लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की नीति का उद्देश्य पात्र अफीम काश्तकारों को लाभ पहुँचाना, लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया की नीति के अनुसार लगभग 1.33 लाख काश्तकार पात्र होंगे, जो पिछले फसल वर्ष की तुलना में लगभग 18,000 अधिक हैं। राजस्थान इकाई में गत फसल वर्ष के दौरान 49,142 काश्तकारों को लाइसेंस जारी किए गए थे। फसल वर्ष 2026–27 में गत वर्ष की तुलना में 4,261 अतिरिक्त काश्तकारों के जुड़ने की संभावना है, जिससे कुल 53,403 लाइसेंस जारी किए जाने की संभावना है।
श्री नरेश बुन्देल ने बताया की खेती के क्षेत्रफल के संबंध में चीरा पद्धति के लिए 0.10 हेक्टेयर तथा UPS पद्धति के लिए 0.05 हेक्टेयर का लाइसेंस क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है। फसल वर्ष 2026–27 के लिए न्यूनतम औसत उपज (MQY) के पात्रता मानदंड के अनुसार, गम अफीम (Lancing) के लिए फसल वर्ष 2025–26 की अपेक्षित औसत उपज न्यूनतम 4.4 किलोग्राम मॉर्फिन प्रति हेक्टेयर तथा बिना चीरा लगाए पोस्त भूसा (UPS) के लिए न्यूनतम 800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है। आगामी फसल वर्ष 2027–28 के लिए अग्रिम जानकारी के रूप में गम अफीम हेतु न्यूनतम 5.9 किलोग्राम मॉर्फिन प्रति हेक्टेयर तथा UPS हेतु भूसा सहित कैप्सूल की न्यूनतम 900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उपज बताई गई है। हालाँकि, अंतिम पात्रता आधिकारिक नीति के अनुसार निर्धारित होगी।
उन्होंने बताया की डिजिटल सुविधाओं के अंतर्गत पात्र काश्तकारों के नाम आधिकारिक वेबसाइट तथा ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल पर सूचनाएँ भेजी जाएंगी। काश्तकार CBN की आधिकारिक वेबसाइट www.cbn.gov.in तथा ऑनलाइन पोर्टल cbnonline.gov.in के माध्यम से नीति एवं पात्रता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मौजूदा लाइसेंसधारियों को पहले से विभाग के पास उपलब्ध दस्तावेज बार-बार जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी; हालाँकी, पिछले वर्ष की तुलना में विवरण में कोई परिवर्तन होने पर संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
उन्होंने बताया की मध्य प्रदेश के नीमच में प्रतिवर्ष 10,000 मीट्रिक टन क्षमता वाली आधुनिक पोस्त-भूसा प्रसंस्करण इकाई आगामी वित्तीय वर्ष में चालू होने की संभावना है। नीति में काश्तकारों की उपज के भुगतान को पारदर्शी एवं त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। प्रसंस्करण इकाई की वास्तविक स्थिति तथा उसके चालू होने की समय-सीमा की पुष्टि संबंधित विभागीय अभिलेखों से की जानी चाहिए।
उन्होंने राजस्थान के सभी अफीम काश्तकारों से अपील की है कि वे अफीम नीति 2026–27 के अंतर्गत अपनी पात्रता, लाइसेंस क्षेत्रफल तथा न्यूनतम औसत उपज से संबंधित प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करें। काश्तकार अपने दस्तावेजों एवं विभागीय अभिलेखों में उपलब्ध विवरण की शुद्धता सुनिश्चित करें तथा किसी भी परिवर्तन की सूचना नियमानुसार संबंधित कार्यालय को दें। नीति संबंधी प्रमाणित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट, ऑनलाइन पोर्टल तथा संबंधित विभागीय कार्यालयों से संपर्क करें।

