लखनऊ: श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपावली पर आयोजित होने वाले 10वें भव्य दीपोत्सव की तैयारियां तेजी के साथ शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ अयोध्या धाम अपने 10वें दीपोत्सव के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल भी लाखों दीपों के प्रज्वलन के साथ एक नया ऐतिहासिक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने देशवासियों को इस अलौकिक महोत्सव का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि लाखों दीपों की आभा से जगमगाते सरयू तट, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां त्रेतायुग की स्मृतियों को एक बार फिर अयोध्या की धरती पर साक्षात साकार करेंगी।
'2017 से पहले उपेक्षा और बदहाली झेल रही थी अयोध्या'
सीएम योगी ने अपने संदेश में पूर्ववर्ती सरकारों की तुष्टीकरण की नीतियों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अयोध्या केवल उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेलने को मजबूर थी। निर्दोष रामभक्तों पर बर्बरतापूर्वक गोलियां चलवाने वाली और हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का महापाप करने वाली सत्ता को 'राम की अयोध्या' के मान-सम्मान और विकास से कभी कोई सरोकार नहीं था। भाजपा सरकार बनने के बाद अयोध्या धाम में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सर्वांगीण विकास का एक नया सूर्योदय हुआ है
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से रामनगरी अपने त्रेतायुगीन प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है। भव्य-दिव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाट, आधुनिक जनसुविधाएं और सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही अयोध्या आज आस्था, अध्यात्म और अत्याधुनिक विकास की एक अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में मात्र 1.71 लाख दीपों से शुरू हुई दीपोत्सव की यह यात्रा आज देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास का वैश्विक उत्सव बन चुकी है।

