आप महंगे टमाटर में उलझे रहे, उधर आपकी EMI बढ़ गई, ब्याज दर बढ़ाकर बड़े बैंक ने दिया जोर का झटका
नई दिल्ली: देश में महंगे टमाटर, महंगी सब्जियों, दाल-चावल ने पहले से लोगों की जेब ढीली कर रखी है। उधर देश के सबसे बड़े बैंक SBI से अपने कर्जदारों को जोर का झटका दे दिया। अगर आपने भी एसबीआई से कर्ज लिया है तो आपके लिए बुरी खबर है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ब्याज दर में बढ़ोतरी कर दी है। जिसकी सीधा असर आपके होम लोन की ईएमआई पर होगा। एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट आधारित ब्याज दर यानि MCLR में 0.05 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है। स्टेट बैक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार MCLR में बढ़ोत्तरी सभी अवधि के कर्ज के लिये की गयी है। बैंक के इस फैसले से सभी प्रकार के कर्जदारों के लिये मासिक किस्त यानि EMI बढ़ जाएगी।किन ग्राहकों को झटका
बैंक के इस फैसले का असर फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर लोन लेने वाले ग्राहकों पर होगा न कि फिक्स्ड इंटरेस्टर रेट पर। एमएसीएलआर बढ़ने के बाद EMI रीसेट डेट पर ही बढ़ेगी। MCLR रेट बढ़ने से होम लोन की ईएमआई के साथ-साथ व्हीकल लोन भी महंगे हो जाएंगे।
क्या होगा ता MCLR रेट
MCLR दरअअसल वह न्यूनतम ब्याज दर से होती है, जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है। बैंकों के लिए हर महीने अपना ओवरनाइट, एक महीने, तीन महीने, छह महीने, एक साल और दो साल का MCLR घोषित करना अनिवार्य होता है। MCLR बढ़ने का मतलब है कि मार्जिनल कॉस्ट से जुड़े लोन जैसे- होम लोन, गाड़ियों के लोन पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी।इसकी गणना ऋण अवधि के आधार पर की जाती है। यानी कर्जधारक को कर्ज चुकाने में कितना समय लगता है इसके आधार पर इसका कैलकुलेशन होता है। यह टेनर-लिंक्ड बेंचमार्क प्रकृति में आंतरिक है।











