क्या बढ़ जाएगी आईटीआर भरने की डेडलाइन? उठ रही हैं मांग लेकिन जानिए पिछले चार साल का हाल

क्या बढ़ जाएगी आईटीआर भरने की डेडलाइन? उठ रही हैं मांग लेकिन जानिए पिछले चार साल का हाल
नई दिल्ली: आईटीआर भरने (ITR Filing) की डेडलाइन 31 जुलाई तेजी से करीब आ रही है। इसके साथ ही इसे आगे बढ़ाने की मांग भी शुरू हो गई है। ऐसी मांग करने वालों में टैक्स प्रोफेशनल्स के साथ-साथ उपभोक्ता संगठन भी शामिल है। इन लोगों का कहना है कि कई राज्यों में बारिश और बाढ़ के कारण टैक्सपेयर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए आईटीआर भरने की डेडलाइन को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने हाल में साफ किया था कि इस बार डेट आगे नहीं बढ़ेगी। पिछली बार में इस तरह की डिमांड की गई थी लेकिन सरकार ने इसे नहीं माना था। 25 जुलाई तक करीब चार करोड़ आईटीआर फॉर्म भरे जा चुके थे। पिछले साल 31 जुलाई तक 5.83 करोड़ आईटीआर भरे गए थे।

कई सीए और उपभोक्ता संगठनों ने केंद्र सरकार के आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन आगे बढ़ाने की मांग की है। इनमें काउंसिल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स भी शामिल है। इस संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्रियों, सचिवों और अन्य संबंधित अधिकारियों से इस बारे में अपील की है। सीपीआर के अध्यक्ष बैरिस्टर विनोद तिवारी ने कहा कि एक महीने से अधिक समय से देश का बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित है। उत्तर भारत के साथ-साथ पूर्वी और पश्चिमी भारत में भी स्थिति चिंताजनक है। भारी बारिश ने वित्तीय राजधानी मुंबई को भी प्रभावित किया है। ऐसी स्थिति में आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन आगे बढ़ाई जानी चाहिए।

क्या कहते हैं जानकार

इसी तरह मुंबई के कर एवं वित्तीय सलाहकार ए.एन. देसाई ने दावा किया कि आईटीआर का पोर्टल भारी ट्रैफिक के कारण धीमा हो गया है। हम पहले ही इस बारे में अधिकारियों को बता चुके हैं लेकिन जून के तीसरे हफ्ते से स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। डेडलाइन के भीतर यह काम होना मुश्किल है। अगर इसे नहीं बढ़ाया गया तो कई लोगों को बिना किसी गलती के भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालांकि, बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष अभय मेहता का मानना है कि हर साल डेडलाइन बढ़ाना ठीक नहीं है। आईटीआर से संबंधित सभी काम जुलाई तक पूरे हो जाने चाहिए।

चार साल का हाल

एसेसमेंट ईयर 2019-20 यानी फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए आईटीआर भरने की डेडलाइन चार बार बढ़ाई गई थी। इसी तरह कोरोना महामारी के कारण एसेसमेंट ईयर 2021-22 (फाइनेंशियल ईयर 2020-21) के लिए आईटीआर भरने की डेडलाइन 31 दिसंबर, 2021 थी। लेकिन पिछले साल इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस साल भी केंद्र ने सख्त रुख अपनाया था और यह स्पष्ट कर दिया था कि 31 जुलाई के बाद कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसलिए अगर आपने भी अब तक आईटीआर नहीं भरा है तो अगले तीन दिन में यह काम पूरा कर लीजिए। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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