बैंक इस फंड को एक या अधिक चरणों में सार्वजनिक पेशकश या सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स के निजी प्लेसमेंट के जरिये इकट्ठा करेगा। बैंक के एक बयान के अनुसार, ये नोट अमेरिकी डॉलर या किसी अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा में जारी किए जाएंगे।
फंड के इस्तेमाल के बारे में नहीं लगा पता
रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एसबीआई ने यह नहीं बताया है कि किस उद्देश्य के लिए फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। भारतीय बैंक देश में कर्ज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने पूंजी भंडार को बढ़ा रहे हैं।केनरा बैंक, पंजाब और सिंध बैंक और पंजाब नेशनल बैंक जैसे कई सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों ने भी इस वित्तीय वर्ष में डेट इंस्ट्रूमेंट के जरिये पूंजी जुटाने की इसी तरह की योजना बनाई है।
इससे पहले भी जुटाई थी बड़ी रकम
जनवरी में एसबीआई ने बेसल III-अनुपालन वाले अतिरिक्त टियर-I परपेचुअल बांड जारी करके 50 अरब रुपये (लगभग $600 मिलियन) सफलतापूर्वक जुटाए थे।इसके अलावा एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने पिछले महीने कहा था कि बैंक अपनी विकास पहलों का समर्थन करने के लिए इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए तैयार है। मंगलवार को एसबीआई के शेयरों में 0.8% की बढ़ोतरी देखी गई, जो वर्ष की शुरुआत से अब तक कुल 30.5% है।











