पहले नहीं था स्टार्टअप का आईपीओ लाने का फैशन
गुप्ता ने कहा कि एक समय था जब स्टार्टअप के लिए आईपीओ लाने का 'फैशन' नहीं था। उसके बाद बाजार में काफी उतार-चढ़ाव की स्थिति बन गई थी। उन्होंने कहा, 'हमें अभी आईपीओ की जरूरत नहीं है। हम यह कुछ साल बाद कर सकते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 या वित्त वर्ष 2025-26 में ऐसा किया जा सकता है.. हमें कोई जल्दबाजी नहीं है।' गुप्ता ने कहा, 'यकीनन इस साल हम ऐसा नहीं करने वाले।'
वहीं, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप इंडिया और नवाचार महोत्सव जैसी पहल से देश में एंटरप्रेन्योरशिप को लेकर नजरिये में बदलाव आया है। गुप्ता ने कहा कि पहले लोग स्टार्टअप को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। बहरहाल, सरकार के इस पर ध्यान केंद्रित करने और स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया जैसी पहल ने इस बारे में देश का नजरिया बदल दिया है।
एंटरप्रेन्योरशिप को लेकर नजरिये में आया बदलाव
वहीं, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप इंडिया और नवाचार महोत्सव जैसी पहल से देश में एंटरप्रेन्योरशिप को लेकर नजरिये में बदलाव आया है। गुप्ता ने कहा कि पहले लोग स्टार्टअप को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। बहरहाल, सरकार के इस पर ध्यान केंद्रित करने और स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया जैसी पहल ने इस बारे में देश का नजरिया बदल दिया है।
शुरुआत में सभी चीजें करते थे आयात
उन्होंने कहा, 'मैं अपने ही सफर की बात करूं तो जब हमने शुरुआत की और कैसे हम सभी चीजों का आयात कर रहे थे... यह सब अब बदल गया है और अब हमारे 60-70 फीसदी उत्पाद भारत निर्मित हैं। सही मायने में यह 'मेक इन इंडिया' है। हम सभी बड़े सपने देख रहे हैं।' गुप्ता ने कहा कि स्टार्टअप को पहले स्वीकार नहीं किया जा रहा था। लेकिन स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया जैसी सरकारी पहल ने इन्हें सराहा और समाज में स्वीकृति दिलाई।
जल्द 'दुनिया की स्टार्टअप राजधानी' बनेगा भारत
बदल रही हैं चीजें
उन्होंने कहा, 'भारत कभी भी ऐसा देश नहीं था जहां स्टार्टअप की इतनी अधिक मांग हो लेकिन यह एक बदलती दुनिया है। स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्टअप डे जैसा कुछ भी नहीं था...यह अब देश का मिजाज है। अगर आप 'शार्क टैंक' जैसे शो देखेंगे, जो स्टार्टअप पर आधारित हैं..अगर किसी कारोबार आधारित शो को आम आदमी इतना पसंद करें तो इसका मतलब है कि चीजें बदल रही हैं।' इससे पहले कंपनी ने सेबी के पास 2,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा जमा कराया था। हालांकि, बाद में कंपनी ने आईपीओ दस्तावेज वापस ले लिए थे।











