कराची, लाहौर आतंकियों को चुन-चुनकर मार रहे 'अज्ञात हमलावर', पाकिस्तानी जर्नलिस्ट के चेहरे पर खौफ देखिए

कराची, लाहौर आतंकियों को चुन-चुनकर मार रहे 'अज्ञात हमलावर', पाकिस्तानी जर्नलिस्ट के चेहरे पर खौफ देखिए
कराची: पाकिस्‍तान में अज्ञात हमलावरों ने एक बार फिर एक आतंकी को मौत के घाट उतार दिया। पुलवामा आतंकी हमले के लिए जिम्‍मेदार जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी मौलाना रहीम उल्‍लाह तारिक पर कराची में हमला हुआ। तारिक की मौके पर ही मौत हो गई। एक हफ्ते में यह दूसरा मौका था जब इस तरह से किसी आतंकी को मारा गया। इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी अकरम गाजी भी ढेर हुआ था। अब पाकिस्‍तान के जाने-माने जर्नलिस्‍ट हामिद मीर का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में मीर को कहते हुए सुना जा सकता है कि इन घटनाओं पीछे भारत का हाथ है।

क्‍या बोले हामिद मीर
हामिद मीर ने वीडियो में भारतीय इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ के बारे में कई तरह की बातें करते हुए सुना जा सकता है। मीर कह रहे हैं, 'रॉ पिछले कई सालों से सक्रिय है। रॉ ने अशरफ घनी के दौर में अफगानिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी एनडीएस के साथ मिलकर पाकिस्‍तान में कुछ खुफिया सेल बनाए। ये लोग पाकिस्‍तान में टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं। इनका कंट्रोल भारत की इंटेलीजेंस एजेंसी के पास हैं। पाकिस्‍तान में इनके एजेंट्स मौजूद हैं जो अफगानी हैं। ये एजेंट्स अफगानी सैनिक हैं और एनडीएस ने पूरी ट्रेनिंग ली हुई हैं। ये लोग कराची और लाहौर में जाकर टारगेट किलिंग करते हैं। यहां तक कि आजाद कश्‍मीर में भी जाकर टारगेट किलिंग को अंजाम देते हैं।'

अब तक कितने आतंकी ढेर
पाकिस्‍तान में अज्ञात हमलावरों ने अब तक करीब जैश-ए-मोहम्‍मद और लश्‍कर-ए-तैयबा समेत कई आतंकियों को ठिकाने लगाया है। इसमें मसूद अजहर के करीबी तारिक के अलावा उसका एक और करीबी दाऊद मलिक भी ढेर हुआ। इसके अलावा अकरम गाजी, पठानकोट आतंकी हमले का मास्‍टरमाइंड शाहिद लतीफ, लश्‍कर का जियाउर रहमान, अबू कासिम कश्‍मीरी, सरदार हुसैन अरैन, खालिस्‍तान कमांडो फोर्स का परमजीत सिंह पंजवार, सैयद नूर शालोबार, बशीर अहमद पीर, सैयद खालिदा रजा, एजाज अहमद अहंगर, हरविंदर सिंह रिंदा और जहूर मिस्‍त्री जैसे आतंकियों को भी ढेर किया गया है।

साल की शुरुआत से जारी सिलसिला
इस साल की शुरुआत से ही पाकिस्‍तान में आतंकियों के ढेर होने की खबरें आ रही हैं। एजाज अहमद अहंगर को जनवरी में अफगानिस्‍तान के कुन्‍नार प्रांत में मार गया था। उस समय कहा गया कि तालिबान ने उसकी हत्‍या की है। अहंगर जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था, इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएस) का टॉप कमांडर था। इसके बाद फरवरी में कराची में अल बद्र मुजाहिद्दीन से जुड़े सैयद खालिद रजा को अज्ञात हमलावरों ने ढेर कर दिया था। फिर मार्च में रावलपिंडी में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी को मारा गया था।

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