तुर्किये के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगन ने एक बार फिर हमास का बचाव करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल (युद्ध अपराधी) बताया है। एर्दोगन ने कहा- इजराइल और हमास की जंग खत्म होने के बाद नेतन्याहू पर वॉर क्राइम्स के लिए केस चलना चाहिए।
उन्होंने यूगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति मिलोसेविक की मिसाल देते हुए कहा- जिस तरह मिलोसेविक पर युद्ध अपराध का केस चलाया गया था। वही सलूक नेतन्याहू के साथ भी होना चाहिए।
हमास गलत नहीं
इस्तांबुल में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक काउंसिल की मीटिंग में एर्दोगन ने हमास का फिर बचाव किया और उसे हक के लिए लड़ने वाला संगठन बताया। नेतन्याहू को एर्दोगन ने कसाई और नरसंहार करने वाला मुजरिम बताया।
एर्दोगन ने कहा कि इजराइल गाजा में मासूम लोगों के कत्ल का गुनहगार है और उसे मानवता पर बातचीत करने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा- तुर्किये पहले भी फिलिस्तीन और गाजा की मदद करता रहा है और हम आगे भी यही करेंगे। इस्लामिक देशों को इस मामले में सख्त रुख अपनाना चाहिए।
UN सिक्योरिटी काउंसिल पर तंज
- एर्दोगन ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्य देशों पर भी तंज कसा। कहा- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका दोहरा रवैया अपना रहे हैं। अब बहुत जरूरी हो गया कि सिक्योरिटी काउंसिल में सुधार किए जाएं। फिलहाल, सिक्योरिटी काउंसिल का जो स्ट्रक्चर है, उसमें वो कभी किसी जगह अमन नहीं ला सकता और ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं।
- पिछले महीने भी NATO देशों के अहम सदस्य तुर्किये के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगन ने इजराइल पर हमला करने वाले फिलिस्तीनी संगठन हमास का बचाव किया था। एर्दोगन ने पार्टी सांसदों से मुलाकात के दौरान कहा था- मैं इजराइल नहीं जाऊंगा। हमास आतंकी संगठन नहीं है। इसके मेंबर्स आजादी की जंग में हिस्सा लेने वाले मुजाहिदीन हैं। ये अपनी जमीन और नागरिकों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हम आम नागरिकों पर हमलों के खिलाफ हैं, भले ही वो इजराइली क्यों न हों।
UN सिक्योरिटी काउंसिल पर तंज
- एर्दोगन ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्य देशों पर भी तंज कसा। कहा- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका दोहरा रवैया अपना रहे हैं। अब बहुत जरूरी हो गया कि सिक्योरिटी काउंसिल में सुधार किए जाएं। फिलहाल, सिक्योरिटी काउंसिल का जो स्ट्रक्चर है, उसमें वो कभी किसी जगह अमन नहीं ला सकता और ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं।
- पिछले महीने भी NATO देशों के अहम सदस्य तुर्किये के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगन ने इजराइल पर हमला करने वाले फिलिस्तीनी संगठन हमास का बचाव किया था। एर्दोगन ने पार्टी सांसदों से मुलाकात के दौरान कहा था- मैं इजराइल नहीं जाऊंगा। हमास आतंकी संगठन नहीं है। इसके मेंबर्स आजादी की जंग में हिस्सा लेने वाले मुजाहिदीन हैं। ये अपनी जमीन और नागरिकों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हम आम नागरिकों पर हमलों के खिलाफ हैं, भले ही वो इजराइली क्यों न हों।











