रियल एस्टेट में अटकते चले आ रहे प्रॉजेक्ट्स से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए G20 शेरपा अमिताभ कांत की अगुवाई में गठित समिति की 19 जून को बैठक हुई थी। इसमें बैंकों ने मौजूदा व्यक्तिगत हाउसिंग लोन अकाउंट के माध्यम से अतिरिक्त पैसा जारी करने के लिए विशेष रेगुलेटरी व्यवस्था की मांग की थी।
इस बैठक में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा, 'बैठक में मौजूद RBI प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि रिजर्व बैंक विशेष छूट पर विचार करेगा और वे इस पर विचार कर रहे हैं। पैनल को जल्द ही इस फैसले के बारे में बताए जाने की संभावना है।'
उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी रेगुलेटरी राहत बैंकों को मंजूर किए जा चुके लोन की बची हुई रकम को असेट क्वॉलिटी में कमी किए बिना ही जारी करने में सक्षम कर सकती है - जो कि फ्लैटों के निर्माण के अटक जाने के बाद पहले जारी नहीं की गई थी।
बैठक में यह भी पता चला कि National Capital Region (NCR) और मुंबई में अकेले देश की कुल अटके हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स का लगभग दो-तिहाई हिस्सा होने का अनुमान है। इसके अलावा, करीब 60% अटकी हुई हाउसिंग यूनिट को घर खरीदारों ने लगभग दो लाख करोड़ रुपये की कैपिटल कमिटमेंट के साथ खरीदा था।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी रेगुलेटरी राहत बैंकों को मंजूर किए जा चुके लोन की बची हुई रकम को असेट क्वॉलिटी में कमी किए बिना ही जारी करने में सक्षम कर सकती है - जो कि फ्लैटों के निर्माण के अटक जाने के बाद पहले जारी नहीं की गई थी।
बैठक में यह भी पता चला कि National Capital Region (NCR) और मुंबई में अकेले देश की कुल अटके हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स का लगभग दो-तिहाई हिस्सा होने का अनुमान है। इसके अलावा, करीब 60% अटकी हुई हाउसिंग यूनिट को घर खरीदारों ने लगभग दो लाख करोड़ रुपये की कैपिटल कमिटमेंट के साथ खरीदा था।
इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि सरकार एक व्यापक अप्रोच पर विचार कर रही है। इसमें रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी और SWAMIH (Special Window for Affordable and Mid-Income Housing) को प्रॉजेक्ट पूरा करने के लिए हर प्रकार से फंड मुहैया कराने की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) को हाउसिंग प्रॉजेक्ट में किसी तरह का तनाव आने पर उसे दूर करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस पहल में हाउसिंग के लिए एक प्रभावी IBC तंत्र लाना भी शामिल है।











