दरअसल गौतम अडानी की कंपनी अडानी समूह नॉन बैंकिंग फाइनेंस सेक्टर से अपना कारोबार समेटने की तैयारी कर रहा है। अडानी समूह की 10 साल पुरानी कंपनी अडानी कैपिटल ( Adani Capital) को बेचने की तैयारी हो रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गौतम अडानी नॉन कोर बिजनेस को समेटने की तैयारी में है और अपना पूरा फोकस मेन कारोबार पर लगाना चाहती है। इसी के तहत अडानी कैपिटल को बेचने की तैयारी हो रही है।
विदेशी कंपनियों कतार में
अडानी की इस कंपनी को खरीदने के लिए कई विदेशी कंपनियां कतार में है। रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल, कार्लाइल ग्रुप और सेर्बेरस कैपिटल मैनेजमेंट गौतम अडानी की इस दस साल पुरानी कंपनी को खरीदने की होड़ सबसे आगे चल रही है। अडानी के इस शैडो बैंक अडानी कैपिटल को खरीदने के लिए विदेशी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। अगले कुछ हफ्तों में बोलियां लगाने की तैयारी हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप अपने इस शैडो बैंक को इसलिए बेचना चाहता है क्योंकि वो ऐसे गैर-प्रमुख बिजनेस से बाहर निकवकर अपना पूरा फोकस मेन कारोबार पर लगाना चाहता है। अडानी खासकर उन बिजनेस से बाहर निकलना चाहता है जिनसे उन्हें कुछ खास प्रॉफिट नहीं हुआ है। इस 2000 करोड़ की कंपनी को बेचने फंड जुटा लेगी, जो मेन कारोबार को बढ़ाने में मददगार होगा। अडानी की इस कंपनी की कमान पूर्व लेहमैन ब्रदर्स और मैक्वेरी निवेश बैंकर गौरव गुप्ता कर रहे हैं।











