अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद बढ़े 60 फीसदी आतंकी हमले... पाकिस्तान को अब समझ आया आतंक का दर्द

अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद बढ़े 60 फीसदी आतंकी हमले... पाकिस्तान को अब समझ आया आतंक का दर्द
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकड़ ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान में आतंकी हमलों में 60 प्रतिशत और आत्मघाती बम विस्फोटों में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कट्टरपंथी तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया था। काकड़ ने इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अगस्त 2021 में अंतरिम अफगान सरकार की स्थापना के बाद हमें पूरी उम्मीद थी कि अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति रहेगी, पाकिस्तान-विरोधी समूहों, विशेषकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ अफगान धरती का उपयोग करने की अनुमति बिलकुल नहीं दी जाएगी।’

उन्होंने कहा, 'लेकिन दुर्भाग्य से, अंतरिम अफगान सरकार की स्थापना के बाद, पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में 60 प्रतिशत और आत्मघाती हमलों में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।' काकड़ ने कहा कि अफगान धरती का इस्तेमाल कर टीटीपी की ओर से किए गए हमलों में पिछले दो वर्षों में 2,267 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा, 'इस दौरान आत्मघाती हमलों में शामिल लोगों में 15 अफगान नागरिक भी शामिल थे। इसके अलावा आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से लड़ते हुए अब तक 64 अफगान नागरिक मारे गए हैं।'

TTP पर नहीं हुई कार्रवाई

काकड़ ने कहा कि हमलों का विवरण अफगान अंतरिम अधिकारियों की जानकारी में था, लेकिन तालिबान के आश्वासन के बावजूद टीटीपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले काकड़ अमेरिका पर भड़के थे। उन्होंने बुधवार को कहा कि आतंकी अमेरिका की ओर से छोड़े गए हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब एक दिन पहले अमेरिका ने कहा था कि उन्होंने कोई हथियार नहीं छोड़े थे।

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