मुश्किल में टाटा ग्रुप का बड़ा प्लान, CCI ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

मुश्किल में टाटा ग्रुप का बड़ा प्लान, CCI ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप (Tata Group) की एयरलाइन कंपनियों एयर इंडिया (Air India) और विस्तारा (Vistara) का मर्जर खटाई में पड़ सकता है। कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने इसे रिव्यू करने का फैसला किया है। इससे एयर इंडिया और विस्तारा के मर्जर की प्रोसेस में देरी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक सीसीआई ने एयर इंडिया को एक कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा है कि विस्तारा के साथ उसके मर्जर के प्रस्ताव की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए? एयर इंडिया को 30 दिन के भीतर इसका जवाब देना है और सीसीआई की शंका को दूर करना है। एयर इंडिया और विस्तारा फुल सर्विस एयरलाइंस हैं। सीसीआई को यह देखना है कि क्या टाटा ग्रुप की इन दोनों कंपनियों के इनके मर्जर से कंप्टीशन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।


पिछले साल नवंबर में टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस ने मार्च 2024 तक एक ही फुल सर्विस कैरियर बनाने का प्लान घोषित किया था। दोनों कंपनियों ने इस साल अप्रैल में मर्जर प्लान के लिए जॉइंट प्रपोजल सब्मिट किया था। तब टाटा, सिंगापुर एयरलाइंस, एयर इंडिया और विस्तारा ने कहा था कि विस्तारा के एयर इंडिया में मर्जर होने से कंप्टीशन में कोई बदलाव नहीं होगा और देश में कंप्टीशन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। लेकिन सीसीआई ने इस प्रपोजल को हरी झंडी देने के बजाय इसकी जांच करने का फैसला किया है।

किसकी कितनी हिस्सेदारी
विस्तारा में टाटा की 51 परसेंट और सिंगापुर एयरलाइंस की 49 परसेंट हिस्सेदारी है। मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी में सिंगापुर एयरलाइंस की 25.1 फीसदी हिस्सेदारी होगी जबकि बाकी स्टेक टाटा ग्रुप के पास होगा। इस मर्जर के पूरा होने के बाद सिंगापुर एयलाइंस इसमें 25 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी का कहना है कि वह अपने आंतरिक स्रोतों से इसे फंड करेगी। टाटा एयरएशिया इंडिया का भी एयर इंडिया एक्सप्रेस में मर्जर कर रही है। कंपनी का आइडिया सभी एयरलाइन को एक ही छत के नीचे लाना है।
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