पेरिस की जांच एजेंसी (IGVP) की रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि BAPS के डेलिगेशन ने कभी भी महिलाओं को हटाने की कोई मांग की ही नहीं थी। इस खुलासे ने साबित कर दिया है कि विदेशी जमीन पर भारतीय संस्था को बदनाम करने के लिए उछाला गया यह पूरा विवाद सिर्फ एक सुनी-सुनाई अफवाह का नतीजा था। पिछले महीने ऐसे आरोप लगने के बाद BAPS की पूरी दुनिया में आलोचना की गई थी और हिंदू धर्म को निशाना बनाया गया था।
एफिल टावर विवाद में स्वामी नारायण संप्रदाय को मिली क्लीन चिट, BAPS को बदनाम करने की साजिश नाकाम
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस से दुनिया भर में मौजूद करोड़ों हिंदुओं और BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) के अनुयायियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर आई है। पिछले महीने एफिल टावर (Eiffel Tower) में महिला स्टाफ को हटाने के झूठे आरोपों में फंसी इस प्रमुख हिंदू संस्था को फ्रांस की आधिकारिक जांच में पूरी तरह से 'क्लीन चिट' मिल गई है। जांच टीम ने पाया है कि BAPS ने अपने कार्यक्रम के दौरान एफिल टावर से महिलाओं को हटाने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया था।
पेरिस की जांच एजेंसी (IGVP) की रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि BAPS के डेलिगेशन ने कभी भी महिलाओं को हटाने की कोई मांग की ही नहीं थी। इस खुलासे ने साबित कर दिया है कि विदेशी जमीन पर भारतीय संस्था को बदनाम करने के लिए उछाला गया यह पूरा विवाद सिर्फ एक सुनी-सुनाई अफवाह का नतीजा था। पिछले महीने ऐसे आरोप लगने के बाद BAPS की पूरी दुनिया में आलोचना की गई थी और हिंदू धर्म को निशाना बनाया गया था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि रिसेप्शन और कस्टमर रिलेशन संभालने वाले कर्मचारियों से 'प्रतिनिधिमंडल के एक हिस्से के नॉर्थ पिलर पर चढ़ने के दौरान' कुछ समय के लिए वहां से हटने को कहा गया। 'ले पेरिसियन' की रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद सफाई सेवा देने वाली कंपनी की एक महिला कर्मचारी को अपने ब्रेक का इंतजार करना पड़ा और ग्रुप के नीचे उतरने के दौरान लिफ्ट में दूसरे कर्मचारी को लगा दिया गया जिससे ऐसा लगा कि महिला कर्मचारी को किनारे कर दिया गया है।
पेरिस की जांच एजेंसी (IGVP) की रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि BAPS के डेलिगेशन ने कभी भी महिलाओं को हटाने की कोई मांग की ही नहीं थी। इस खुलासे ने साबित कर दिया है कि विदेशी जमीन पर भारतीय संस्था को बदनाम करने के लिए उछाला गया यह पूरा विवाद सिर्फ एक सुनी-सुनाई अफवाह का नतीजा था। पिछले महीने ऐसे आरोप लगने के बाद BAPS की पूरी दुनिया में आलोचना की गई थी और हिंदू धर्म को निशाना बनाया गया था।
