प्रतिबंधित फ्लाइट डेक के अंदर हुई हिंसक झड़प में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार के अनुभव ने क्रू को विमान का ऊंचाई पर फिर से कंट्रोल पाने और सऊदी अरब के तबुक की ओर इमरजेंसी डायवर्जन करने में मदद की। कमर्शियल एविएशन में इमरजेंसी के समय की जाने वाली कार्रवाई उड़ान के दौरान बनी प्रक्रियाओं की जानकारी पर बहुत निर्भर है।
मच्छार का अनुभव
कैप्टन मच्छार को बोइंग 737 वैरिएंट के विमानों पर 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव शामिल है। इसमें क्लासिक 737-800 के साथ-साथ आधुनिक 737 MAX 8 और MAX 9 मॉडल शामिल हैं। एक ही फैमिली की कई पीढ़ियों के विमान उड़ाने से कमांडरों को फ्लाइट डायनामिक्स, कंट्रोल कॉलम फीडबैक और इलेक्ट्रॉनिक फ्लाई-बाय वायर ओवरराइड सिस्टम की सहज समझ हो जाती है।फ्लाईदुबई का विमान जब बुधवार को अपनी 34,000 फीट की क्रूजिग ऊंचाई से अचानक तेजी से नीचे गिरने लगा तो इसी गहरी समझ ने मच्छार को फ्लाइट कंट्रोल के रिस्पॉन्स का आकलन करने और गंभीर शारीरिक परेशानी के बावजूद एयरस्पीड को स्थिर करने में मदद की। कोई नया पायलट शायद इस मुश्किल हालात में विमान को कंट्रोल करने मे कामयाब ना हो पाता।
मच्छार को फ्लाइट सिमुलेटर में कॉकपिट की गंभीर इमरजेंसी, डुअल कंट्रोल से जुड़ी मुश्किलों और उड़ान के दौरान अचानक केबिन का दबाव कम होने (डीकम्प्रेशन) जैसी स्थितियों का सामना करने की प्रैक्टिस सालों तक की थी।
मच्छार के पायलट-इन-कमांड घंटे
अपने कुल उड़ान समय में से मच्छार ने पायलट-इन-कमांड (PIC) के तौर पर 6,400 घंटे पूरे किए हैं। ये बेहद खास है क्योंकि विमान की सुरक्षा, क्रू के बीच तालमेल और उड़ान के दौरान किसी खराबी की स्थिति में इमरजेंसी कार्रवाई करने की आखिरी जिम्मेदारी PIC की होती है। ऐसे में इस मौके पर उनका PIC का तजुर्बा काम आया।साल 2022 में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले मछार ने मुंबई में स्पाइसजेट के साथ 11 साल बिताए, जहां उन्होंने नवंबर 2020 से 'लाइन ट्रेनिंग कैप्टन' के तौर पर काम किया। इस खास भूमिका में उन्हें असल बोइंग रूट पर दूसरे कमांडरों का मूल्यांकन करने, ट्रेनिंग देने और उनकी जांच का काम सौंपा गया था।
