राणा अय्यूब कहां रहती हैं और क्या उन्हें अमेरिकी वीजा जारी किया गया है इस बाबत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन को कोई जानकारी नहीं है। दरअसल यह पूरा बवाल राणा अय्यूब के उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आपसी संबंधों को लेकर एक टिप्पणी की थी। उनका ये ट्वीट इजरायल जा रहे 'फ्लाईदुबई' फ्लाइट को क्रैश करवाने की कोशिशों के बाद आया है जिसमें भारतीय पायलट की दुनियाभर में तारीफ की जा रही है और उन्हें हीरो बताया जा रहा है।
राणा अय्यूब ने इस घटना को लेकर या करीब 180 लोगों की जिंदगी बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार को लेकर एक भी पोस्ट नहीं किया है जबकि उनके सोशल मीडिया अकाउंट का टाइमलाइन ऐसे पोस्ट से भरा है जिनमें कोई हिंदू आरोपी हो। राणा अय्यूब मुस्लिमों के ऊपर लगे किसी आरोप पर या तो कुछ नहीं लिखतीं या फिर उनका बचाव करती हैं। राणा अय्यूब मुस्लिम चरमपंथ या कट्टरपंथ पर मुंह बंद रखती हैं।
पीएम मोदी और नेतन्याहू पर क्या था राणा अय्यूब का ट्वीट?
इस विवाद की शुरुआत राणा अय्यूब के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गये एक पोस्ट से हुई। उन्होंने भारत के दक्षिणपंथी खेमे और इजरायल के संबंधों पर निशाना साधते हुए लिखा 'भारत के दक्षिणपंथी गुट का इजरायल और नेतन्याहू के प्रति लगाव असल में एक ही बात पर टिका है। मुसलमानों के प्रति उनकी गहरी नफरत। मोदी और नेतन्याहू के लिए उनकी तारीफ भी इसी सोच से आती है। ऐसे नेता जो मुसलमानों को दबाकर रखेंगे और दुनिया में उन्हें 'उनकी औकात दिखाएंगे'।'यानि राणा अय्यूब ने अपने पोस्ट में दावा किया कि पीएम मोदी और नेतन्याहू के प्रति 'भारतीय दक्षिणपंथ' का यह समर्थन इसी भावना से आता है क्योंकि उन्हें लगता है कि ये नेता मुसलमानों को 'उनकी जगह' दिखाएंगे। उनके इस बयान के बाद ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। राणा अय्यूब का ये पोस्ट उस वक्त आया जब दुनियाभर में भारतीय पायलट स्मित मछार की तारीफ की जा रही है। स्मित मछार ने करीब 180 यात्रियों को ले जा रहे उस फ्लाइट को क्रैश करने से बचाया जिसे उनके को-पायलट ने क्रैश करने की कोशिश की थी। राणा अय्यूब ने भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी पर एक लाइन भी नहीं लिखा है।
