नई दिल्ली: मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने आज जून तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 11 परसेंट गिरकर 16,011 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 17,955 करोड़ रुपये रहा था। जून तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में भी 5.3 परसेंट की गिरावट आई है और यह 2.07 लाख करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल समान तिमाही में यह 2.19 लाख करोड़ रुपये था। ब्रोकरेज कंपनियों ने रिलायंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10 परसेंट गिरावट के साथ 16,170 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी सालाना आधार पर दो फीसदी गिरावट के साथ 2.15 लाख रुपये रहने का अनुमान था। लेकिन ये दोनों अनुमान से कम रहे। कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2023 के लिए प्रति शेयर नौ रुपये का डिविडेंड देने की घोषणा की है। इससे कंपनी के 36 लाख से अधिक इन्वेस्टर्स को फायदा होगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रॉफिट 11% गिरा, लेकिन 36 लाख इन्वेस्टर्स को मिली खुशखबरी
पिछली तिमाही के मुकाबिल रिलायंस के कंसोलिडेटेड टॉपलाइन 2.5 फीसदी गिरा है जबकि बॉटमलाइन में 17 फीसदी गिरावट आई है। ओ2सी बिजनस के कमजोर प्रदर्शन के कारण कंपनी का रेवेन्यू गिरा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले करीब 18 परसेंट गिरकर 1.33 लाख करोड़ रुपये रहा। हालांकि रिटेल और डिजिटल सर्विसेज बिजनस में डबल डिजिट ग्रोथ ने रिलायंस को प्रॉफिट और रेवेन्यू में बड़ी गिरावट से बचा लिया। रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) का प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 18.8 परसेंट उछलकर 2,448 परसेंट रहा। इस दौरान कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू बी 19 परसेंट की तेजी के साथ 69,948 करोड़ रुपये पहुंच गया जो पिछले साल समान तिमाही में 58,554 करोड़ रुपये था।











