चार जून को निफ्टी में छह फीसदी गिरावट आई थी। लेकिन शेयर मार्केट में उसके बाद आई तेजी ने बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है। कई एनालिस्ट्स ने भविष्यवाणी की थी कि आम चुनावों में खंडित जनादेश के कारण बाजार में 10% तक की गिरावट आ सकती है। चुनाव नतीजों ने सबको चौंकाया था लेकिन बाजार की तेजी भी कम चौंकाने वाली नहीं है। सैमको सिक्योरिटीज के मार्केट पर्सपेक्टिव्स एंड रिसर्च के प्रमुख अपूर्व शेठ ने कहा, 'बाजार को यह महसूस हो गया है कि यह गठबंधन सरकार पहले की सरकारों से अलग होगी। पहले के गठबंधनों को कमजोर माना जाता था, क्योंकि उनमें सबसे बड़ी पार्टी साधारण बहुमत के जादुई आंकड़े से काफी दूर रहती थी। इसलिए वह गठबंधन में शामिल दलों पर बहुत अधिक निर्भर रहती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। एनडीए ने पहले ही 10 निर्दलीयों को अपने साथ जोड़ लिया है और अब उसका आंकड़ा 300 के पार हो चुका है।'
सच साबित हुई पीएम मोदी की भविष्यवाणी! 5,000 अंक से ज्यादा चढ़ा सेंसेक्स
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने हाल में हुए आम चुनावों के दौरान कहा था कि चार जून को लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद शेयर बाजार सभी पुराने रेकॉर्ड तोड़ते हुए नए शिखर पर पहुंच जाएगा। हालांकि चार जून को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी और इस पर विपक्षी दल सवाल भी उठा रहे हैं। लेकिन मोदी की चुनाव नतीजों के बाद तेजी की भविष्यवाणी सच साबित हुई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से बीएसई सेंसेक्स में 5,222 अंक की तेजी आई है। पिछले 9 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ऑल-टाइम हाई को छुआ है। इससे बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 42.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 437.24 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
निवेशकों का भरोसा
एनडीए सरकार का नेतृत्व करते हुए पीएम मोदी ने दिखाया है कि उनकी पार्टी तय एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है कि सरकार बाजार अनुकूल नीतियों को आगे बढ़ाएगी। धनवेस्टर की संस्थापक अनुष्का सोहम बटवाल का कहना है कि बाजार का ध्यान अब सरकार की बुनियादी बातों और प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित हो गया है। चुनाव की अनिश्चितता दूर हो गई है और किफायती आवास के लिए पैकेज की मंजूरी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की वापसी से पता चलता है कि सुधार फिर से गति पकड़ेंगे। इसके अलावा, इतिहास बताता है कि गठबंधन सरकारों के कार्यकाल के दौरान बाजारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। चूंकि देश की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है, इनकम मजबूत बनी रह सकती है। साथ ही नीतिगत पहल और सुधार जारी रह सकते हैं। इसलिए इनसाइडर्स को कोई जोखिम नहीं दिखता है।











