कार्बन ब्रांड का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी जैना ग्रुप के एमडी प्रदीप जैन ने कहा कि देश में कार्बन के स्मार्टफोन लॉन्च करने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। कार्बन 4,999 रुपये की कीमत वाला एक स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है। इसी तरह माइक्रोमैक्स की भी 5,999 रुपये की कीमत वाला स्मार्टफोन उतारने की योजना है। लेकिन कंपनी की टेलिकॉम ऑपरेटर्स के साथ बातचीत चल रही है ताकि इसे 4,999 रुपये में लॉन्च किया जा सके। लावा 10,000 रुपये से कम कीमत वाला 5जी स्मार्टफोन लाने की तैयारी में है।
एक फीसदी से कम हिस्सेदारी
जैन ने कहा कि 10,000 रुपये से कम कीमत वाले सेगमेंट में वैक्यूम है और सरकार भी चाहती है कि घरेलू स्मार्टफोन ब्रांड्स वापसी करें। 4जी के कम से कम अगले तीन साल तक बने रहने की उम्मीद है और कार्बन इस सेगमेंट पर फोकस करेगी। लावा के प्रेजिडेंट और बिजनस हेड सुनील रैना ने कहा कि पिछले एक साल से कंपनी स्मार्टफोन बिजनस को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने प्रॉडक्ट्स, सॉफ्टवेयर और आफ्टर-सेल्स सर्विस में काफी सुधार कर लिया है। पिछले साल हमने उससे पिछले साल की तुलना में दोगुना ग्रोथ की थी। इस साल हम पिछले साल से तीन गुना ग्रोथ कर चुके हैं। माइक्रोमैक्स के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी क्वालिटी प्रॉडक्ट्स लॉन्च करना चाहती है। भारतीय कंपनियां चीन की कंपनियों की तरह 25,000 रुपये तक के मॉडल उतारने की योजना बना रहे हैं।मार्च में खत्म तिमाही में भारत के स्मार्टफोन मार्केट में भारतीय ब्रांड्स की एक फीसदी से भी कम हिस्सेदारी है। 2013 और 2014 में उनकी 45 फीसदी हिस्सेदारी थी। लेकिन उसके बाद चीन की कंपनियों ने उन्हें मार्केट से बाहर कर दिया। अभी सैमसंग की भारतीय बाजार में 20 फीसदी हिस्सेदारी है। चीन के ब्रांड वीवो (Vivo) की 17 परसेंट, श्याओमी (Xiaomi) की 16 परसेंट, ओप्पो (Oppo) की 12 परसेंट और रियलमी (Realme) की नौ परसेंट हिस्सेदारी है। आने वाले दिनों में लावा और जियो 10,000 रुपये से कम कीमत वाले सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।
चीनी कंपनियों पर शिकंजा
सरकार भी घरेलू ब्रांड्स को आगे बढ़ाना चाहती है। एक घरेलू ब्रांड के अधिकारी ने कहा कि सरकार घरेलू कंपनियों का बराबरी का मौका देना चाहती है। पहले भारतीय कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्यूफैक्चरिंग के लिए चीन पर निर्भर थे। लेकिन अब वे खुद देश में ही प्रॉडक्ट्स बना रही हैं। पिछले कुछ समय से 10,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन का बाजार घट रहा है। मार्च तिमाही में यह केवल नौ फीसदी रह गया। भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी विवाद के कारण सरकार ने चीनी कंपनियों की निगरानी बढ़ा दी है। उनके खिलाफ कई तरह की जांच चल रही हैं।











