मैकेन‍िकल इंजीनियर ने दिमाग लगा कचरे में खोज लिया जुगाड़, 15 महीने में 10 करोड़ रुपये

मैकेन‍िकल इंजीनियर ने दिमाग लगा कचरे में खोज लिया जुगाड़, 15 महीने में 10 करोड़ रुपये
नई दिल्‍ली: आज हम आपको ऐसे शख्‍स से मिलाते हैं जिन्‍होंने कचरे (वेस्‍ट) में मौका तलाश लिया। उनका नाम है अजिंक्य धारिया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद अजिंक्य ने सैनिटरी पैड रिसाइकिल करने की तकनीक खोज निकाली। यह इस तरह की पेटेंट कराई गई दुनिया की पहली तकनीक थी। इस इनोवेशन में कमर्शियल इस्‍तेमाल के लिए यूज्‍ड पैड से पल्प और प्लास्टिक निकाला जाता है। धारिया ने कूड़ा बीनने वालों को बिना सुरक्षा के पैड और डायपर बीनते देखा था। इसी आइडिया को डेवलप करके अजिंक्य धारिया ने Padcare की शुरुआत की। अब यह सफल वेंचर बन चुका है।

शुरू में लोगों को अजीब लगा आइडिया

शुरू में कई लोगों ने अजिंक्‍य के आइडिया को खारिज कर दिया। इसके बावजूद महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से ताल्लुक रखने वाले अजिंक्‍य धारिया ने भरोसा बनाए रखा। 2018 में उन्होंने पैडकेयर लैब्स की स्थापना की। इसका उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता और वेस्‍ट मैनेजमेंट है। पैडकेयर लैब्स की तकनीक पैडकेयरएक्स सैनिटरी कचरे को हाई क्‍वालिटी प्रोडक्‍ट में बदल देती है। पुणे स्थित यह स्टार्टअप शौचालयों में सुरक्षित निपटान के लिए पैडकेयर डिब्बे भी प्रदान करता है। उसके ग्राहकों में मेटा, फाइजर, पीएंडजी, थर्मैक्स, मर्सिडीज-बेंज और महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।

कचरे का शानदार समाधान

अपने छह साल के ऑपरेशन में कंपनी ने 550 संगठनों के जरिये 19 शहरों को प्रभावित किया। इससे 10 लाख महिलाओं को लाभ हुआ है। सालाना 100 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। 90 फीसदी प्लास्टिक से बने एक सामान्य सैनिटरी नैपकिन को डिकम्‍पोज होने में 500 से 800 साल लग सकते हैं। पैडकेयर ने अब तक 138 टन सैनिटरी वेस्‍ट को जुटाकर उसे रिसाइकिल किया है।

बिक्री ने अचानक लगाई छलांग

अजिंक्य धारिया अपने स्टार्टअप को Shark Tank के प्‍लेटफॉर्म पर भी लेकर गए। शो के जजों ने उनके आइडिया में काफी दिलचस्‍पी दिखाई। उस समय Padcare की वार्षिक आय केवल 1 करोड़ रुपये थी। हालांकि, कंपनी ने अचानक छलांग लगाई। उसकी बिक्री 15 महीनों में ही 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। और भी रोचक बात यह है कि Padcare ने अपनी राजस्व बढ़ोतरी के साथ 7% का लाभ मार्जिन भी बनाए रखा। इसके अलावा कंपनी ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 22 करोड़ रुपये के ऑर्डर पहले ही हासिल कर लिए हैं।

शार्क टैंक के चार जजों के साथ करार

Shark Tank India के जज धारिया के बिजनेस मॉडल से प्रभावित हो गए थे। बातचीत के दौरान धारिया ने शुरू में 2% इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये की मांग की, जिससे Padcare का मूल्यांकन 25 करोड़ रुपये हो गया। काफी विचार-विमर्श के बाद धारिया ने Shark Tank India के चार जजों के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया। इसमें पीयूष बंसल ने 4% इक्विटी के लिए 1 करोड़ रुपये की पेशकश की। अनुपम मित्तल ने 4% हिस्सेदारी के लिए 1 करोड़ रुपये और अतिरिक्त 2% इक्विटी के लिए 50 लाख रुपये का प्रस्‍ताव क‍िया। विनीता बाली और नमिता थापर ने मिलकर 1% हिस्सेदारी के लिए 25 लाख रुपये और 25 लाख रुपये का बिना ब्याज का कर्ज देने का ऑफर रखा।

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