मुसलमान, मदरसा और माफिया में बदल गया ममता का मां, माटी और मानुष का नारा : कृष्णा गौर

मुसलमान, मदरसा और माफिया में बदल गया ममता का मां, माटी और मानुष का नारा : कृष्णा गौर
 भोपाल। ममता बनर्जी मां, माटी और मानुष के नारे के साथ सत्ता में आई थीं, लेकिन अब उनका यह नारा मुसलमान, मदरसा और माफिया के नारे में बदल गया है। ममता बनर्जी सरकार की करतूत से पूरे देश के ओबीसी वर्ग के मन में यह बात घर कर गई थी कि कांग्रेस, टीएमसी और आइएनडीआइए ओबीसी के अधिकारों पर डाका डाल रहे हैं। ये दलित, आदिवासी और ओबीसी भाई बहनों के आरक्षण का भक्षण करना चाहते हैं। इन वर्गों का आरक्षण छीनकर और उसे मुस्लिमों को देकर पिछड़ों के अधिकारों का हनन करना चाहते हैं। यह बात मंत्री कृष्णा गौर ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि ममता के इस रवैये के खिलाफ पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आज पूरे प्रदेश में प्रदर्शन और पुतला दहन कर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कोलकाता हाईकोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक निर्णय में 2010 के बाद बनाए गए ओबीसी प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट के इस निर्णय से बंगाल के ओबीसी समाज में न्याय और उनके अधिकारों के संरक्षण का विश्वास जागा है। भारतीय जनता पार्टी इस निर्णय का स्वागत करती है और बंगाल सरकार से यह मांग करती है कि हाईकोर्ट के इस निर्णय को तत्काल लागू किया जाए। मुस्लिम तुष्टीकरण के मोह के चलते ममता बनर्जी अदालत के इस फैसले की अवमानना कर रही हैं और कह रही हैं कि वे इसे नहीं मानेंगी। ममता बनर्जी कहती हैं कि मैं कोर्ट ऐसे किसी आदेश को नहीं मानूंगी। भाजपा, ममता बनर्जी से यह पूछना चाहती है कि यह देश उनकी तानाशाही से चलेगा कि बाबा साहब के संविधान से चलेगा? उन्होंने राहुल गांधी के जातिगत जनगणना कराने के सवाल पर कहा कि यह देश के लिए बड़ा नुकसान है।

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