LIC ने टाटा की तीन कंपनियों में घटा दी हिस्सेदारी, 75 शेयरों में बढ़ा दिया स्टेक, यहां देखिए पूरी लिस्ट

LIC ने टाटा की तीन कंपनियों में घटा दी हिस्सेदारी, 75 शेयरों में बढ़ा दिया स्टेक, यहां देखिए पूरी लिस्ट
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी के इक्विटी पोर्टफोलियो की मार्केट वैल्यू जून तिमाही में 15 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। पिछले तीन साल में यह लगभग दोगुनी हो गई है। प्राइम इन्फोबेस के आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही के अंत में एलआईसी के पास 282 कंपनियों में हिस्सेदारी थी जिसकी कुल मार्केट वैल्यू मार्च 2021 में 7.67 लाख करोड़ रुपये से दोगुना होकर 15.72 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह देश की दूसरी बड़ी वैल्यूएबल कंपनी टीसीएस के मार्केट कैप के बराबर है। देश के सबसे बड़े संस्थागत निवेशक ने साल की पहली तिमाही में एनएसई पर लिस्टेड कम से कम 95 शेयरों में हिस्सेदारी कम की जबकि 75 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी। इस दौरान LIC ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, BHEL, HPCL और GAIL जैसे कुछ PSU शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की है।
मार्च तिमाही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में LIC की हिस्सेदारी 4.10% से घटकर 1% रह गई। इसी तरह कंपनी ने संभवत: TIL Ltd. में पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। एलआईसी ने जून तिमाही में टाटा पावर में अपनी हिस्सेदारी 154 बीपीएस घटाकर 5.78% कर दी है। इसी तरह कंपनी ने वोल्टास में 124 बीपीएस, हीरो मोटो में 122 बीपीएस, टाटा केमिकल्स में 115 बीपीएस और बीएचईएल में 85 बीपीएस स्टेक घटा दिया। टाटा पावर में एलआईसी की बिक्री का मूल्य करीब 2,135 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। कंपनी ने सीमेंस, हिंडाल्को और भारती एयरटेल में भी अपनी हिस्सेदारी कम की है।

इन शेयरों में बढ़ाया हिस्सा

तिमाही के दौरान एलआईसी ने इन्फोसिस, एलटीआई माइंडट्री, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, टाइटन, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। पीआई इंडस्ट्रीज में एलआईसी की हिस्सेदारी पहली तिमाही में 201 बीपीएस बढ़कर 5.75% हो गई। वहीं एलटीआई माइंडट्री में उसकी हिस्सेदारी 152 बीपीएस और अपोलो हॉस्पिटल्स में 128 बीपीएस बढ़ गई। वैल्यू टर्म में एलआईसी का सबसे बड़ा दांव रिलायंस है। इसके बाद आईटीसी, टीसीएस, एसबीआई और इन्फोसिस का स्थान है। जून के अंत में एलआईसी की हिस्सेदारी 15.72 लाख करोड़ रुपये थी, जो पिछली तिमाही की तुलना में 10% अधिक है।
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